पीएम श्री सेजेस जयनगर में छात्र प्रवेश उत्सव का भव्य आयोजन, किताबों और मिठाइयों के साथ हुआ नए छात्रों का आत्मीय स्वागत

Deshkibaat24
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सूरजपुर :  जिले के प्रतिष्ठित शासकीय विद्यालय ‘पीएम श्री सेजेस जयनगर’ में शनिवार को नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ पर ‘छात्र प्रवेश उत्सव’ का आयोजन बेहद उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया। प्रथम बार विद्यालय की दहलीज पर कदम रखने वाले नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के स्वागत के लिए पूरे स्कूल परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। इस गरिमामयी समारोह में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में पालकों ने हिस्सा लिया।
तिलक, पुष्पमाला और मिठाइयों से महका परिसर
कार्यक्रम की शुरुआत नए विद्यार्थियों के आत्मीय अभिनंदन के साथ हुई। जैसे ही नन्हे-मुन्ने बच्चे अपने अभिभावकों के साथ विद्यालय पहुंचे, शिक्षकों और वरिष्ठ छात्रों ने उन्हें तिलक लगाया और पुष्पमालाएँ पहनाकर उनका स्वागत किया। बच्चों का हौसला बढ़ाने और विद्यालय के प्रति उनके मन में सकारात्मक भाव जगाने के लिए उनका मुंह मीठा कराया गया।
इसके तुरंत बाद शासन की जनकल्याणकारी योजना के तहत सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों को उनके नए पाठ्यक्रम की निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित की गईं। सत्र के पहले ही दिन चमचमाती नई किताबें पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और संपूर्ण परिसर उमंग के माहौल से सराबोर हो गया।
नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
उत्सव के मुख्य खंड में विद्यालय की ओर से एक विशेष संवेदीकरण सत्र का आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित अभिभावकों और विद्यार्थियों को विद्यालय की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। शिक्षकों ने पालकों को बताया कि विद्यालय न केवल किताबी ज्ञान बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों, कला और अन्य सह-शैक्षणिक (Co-curricular) गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा साझा की गई। साथ ही, शिक्षा के स्तर को बनाए रखने के लिए बच्चों की दैनिक व नियमित उपस्थिति (Regular Attendance) की अनिवार्यता पर विशेष जोर दिया गया।
प्राचार्य पुष्पा राय ने बच्चों को दी लगन से पढ़ने की सीख
समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय की प्राचार्य पुष्पा राय ने सभी नए विद्यार्थियों को विद्यालय परिवार का हिस्सा बनने पर बधाई दी। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे वे अपने जीवन के हर सपने को साकार कर सकते हैं। उन्होंने बच्चों को आज ही से पूरी निष्ठा, अनुशासन और मन लगाकर अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि वे अपने माता-पिता और क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें।
अभिभावकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए पुष्पा राय ने कहा:
“बच्चों की शिक्षा केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह घर और स्कूल के सामूहिक प्रयासों का परिणाम होती है। सभी पालक अपने बच्चों की पढ़ाई की दैनिक प्रगति पर नजर रखें, उनसे संवाद करें और विद्यालय के साथ एक सक्रिय समन्वय और विश्वास का रिश्ता बनाए रखें।”
पूर्व प्राचार्य और एसएमडीसी सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति
इस विशेष अवसर पर विद्यालय के पूर्व प्राचार्य वीरेंद्र जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने नए बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए अपने अनुभव साझा किए। उनके साथ ही शाला प्रबंधन एवं विकास समिति (SMDC) के सभी सम्मानित सदस्यों, विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं और गैर-शिक्षण स्टाफ ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। उपस्थित सभी जनों ने एक स्वर में नवप्रवेशी बच्चों के सुनहरे और सफल भविष्य की कामना की।
विश्वास और आत्मीयता का माहौल:
इस छात्र प्रवेश उत्सव के सफल आयोजन ने न केवल नए छात्रों के मन से स्कूल के पहले दिन के डर को दूर किया, बल्कि पालकों के बीच भी विद्यालय की गुणवत्ता और संवेदनशीलता के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया है। विदाई के समय अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन की इस अनूठी पहल की सराहना की।

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