सूरजपुर : जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और निंदनीय मामला सामने आया है, जहां सड़क हादसे में घायल लोगों की जान बचाने पहुंची ‘डायल 112’ की टीम पर ही उपद्रवियों ने जानलेवा हमला कर दिया। अपनी ड्यूटी निभा रहे आरक्षक और चालक को भीड़ ने घेरकर सिर्फ इसलिए पीट दिया क्योंकि वे बाकी दो घायलों को लेने थोड़ी देर से पहुंचे थे।
इस मामले में मुस्तैदी दिखाते हुए प्रतापपुर थाना पुलिस ने हमला करने वाले सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही, हादसे के बाद मौके पर खड़े ट्रक में आग लगाने वाले 2 अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
🚨 क्या है पूरा मामला? (घटना का विस्तृत विवरण)
यह पूरी घटना 19 जून 2026 की रात की है। डायल 112 में तैनात आरक्षक निशांत टोप्पो ने प्रतापपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वह उस रात आपातकालीन वाहन में ड्यूटी पर तैनात थे। रात के करीब 11:00 बजे रायपुर पीएफटी कॉल सेंटर से एक इमरजेंसी पॉइंट (सूचना) मिला कि ग्राम खजुरी सेमरसोत मेन रोड पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। सूचना के मुताबिक, एक मोटरसाइकिल पर सवार 4 लोग सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से टकरा गए थे और चारों गंभीर रूप से घायल होकर तड़प रहे थे।
घायलों को अस्पताल पहुंचाकर जैसे ही लौटे, हुआ हमला
सूचना मिलते ही आरक्षक निशांत टोप्पो और वाहन के चालक बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचे। वहां चारों घायल तड़प रहे थे। आपातकालीन वाहन में जगह सीमित होने के कारण, टीम ने सूझबूझ दिखाई और तुरंत सबसे ज्यादा गंभीर 2 घायलों को गाड़ी में बिठाया और उन्हें नजदीक के प्रतापपुर अस्पताल में भर्ती कराया।
इसके तुरंत बाद, बाकी बचे 2 घायलों को लेने के लिए डायल 112 की टीम दोबारा घटना स्थल (ग्राम खजुरी रामपुर मेन रोड) पर पहुंची। लेकिन वहां पहुंचते ही माहौल बदल चुका था। वहां मौजूद कुछ अराजक तत्वों ने गाड़ी को घेर लिया।
“जल्दी क्यों नहीं आए?” कहकर कर दी पिटाई
वहां मौजूद 8 लोगों ने एक राय होकर सरकारी गाड़ी को रोका और चिल्लाने लगे कि “तुम लोग इतनी देर से क्यों आए?” आरक्षक निशांत टोप्पो ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि वे पहले ही दो गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल छोड़कर आ रहे हैं और यह उनका दूसरा चक्कर है। लेकिन उपद्रवी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। उन्होंने आरक्षक और चालक के साथ गाली-गलौज की और शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए उन पर हमला कर दिया और बेरहमी से मारपीट की।
⚖️ पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सख्त धाराएं
सरकारी कर्मचारियों और वो भी आपातकालीन सेवा में तैनात जवानों पर हमले की खबर से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी और एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने आरोपियों की तुरंत धरपकड़ के सख्त निर्देश जारी किए।
आरक्षक निशांत टोप्पो की लिखित शिकायत पर थाना प्रतापपुर में अपराध क्रमांक 180/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की बेहद सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
दर्ज धाराएं: 296, 115(2), 221, 132, 121(1), 191(2), और 190 BNS।
इसके बाद, प्रतापपुर पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी और घेराबंदी करके सभी 8 आरोपियों को हिरासत में ले लिया। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट (प्रतापपुर) के समक्ष प्रार्थी द्वारा पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन सभी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।
👥 गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों की सूची:
पकड़े गए सभी आरोपी ग्राम बैकोना, थाना प्रतापपुर के निवासी हैं:
मुकेश पैंकरा (पिता: मोहरलाल, उम्र: 23 वर्ष)
प्रकाश पैंकरा उर्फ जीरा (पिता: महेन्द्र, उम्र: 19 वर्ष)
करमसाय पैंकरा (पिता: गणेश, उम्र: 21 वर्ष)
नरेश…पैंकरा (पिता: धरमकुमार, उम्र: 27 वर्ष)
शिवसागर पैंकरा (पिता: प्रेमसाय, उम्र: 30 वर्ष)
अभय पैंकरा (पिता: संतोष, उम्र: 20 वर्ष)
पारसनाथ पैंकरा (पिता: प्रेमसाय, उम्र: 32 वर्ष)
रामकेवल पैंकरा (पिता: रामबली, उम्र: 26 वर्ष)
🔥 ट्रक में आगजनी करने वाले 2 अन्य उपद्रवी भी गिरफ्तार
हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों और उपद्रवियों ने वहां खड़े दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को भी निशाना बनाया था और उसमें आग लगा दी थी। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आगजनी के इस मामले में भी प्रतापपुर पुलिस ने अलग से अपराध क्रमांक 181/2026 दर्ज किया था।
इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 324(5) के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ट्रक में आग लगाने वाले 2 मुख्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है:
मुकेश उर्फ सीजय पैंकरा (पिता: मोहरलाल पैंकरा, उम्र: 23 वर्ष)
दिपेश पैंकरा (पिता: देवधारी, उम्र: 25 वर्ष)
👮♂️ कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
इस दोहरे अपराध (डायल 112 टीम पर हमला और ट्रक आगजनी) के आरोपियों को चंद घंटों के भीतर सलाखों के पीछे भेजने में प्रतापपुर पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। इस पूरी कार्रवाई में मुख्य रूप से शामिल रहे:
नेतृत्व: थाना प्रभारी प्रतापपुर नरेन्द्र सिंह
अधिकारी: पीएसआई सम्पत कुमार, पीएसआई विकास गजेन्द्र
सहायक उप-निरीक्षक (ASI): विरेन्द्र यादव, राजेश यादव, बजरंगी लाल चौहान
प्रधान आरक्षक: योगेन्द्र भगत, रविशंकर चौबे, अलबिनुस तिर्की, विनोद परीड़ा
आरक्षक: भीमेश आर्मो, राजकुमार पासवान, राजेश तिवारी, प्रकाश साहू, अपील चौधरी और निरंजन एक्का।
सूरजपुर पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया है कि आपातकालीन सेवाओं और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।