
बलरामपुर : जिले में आगामी खरीफ सीजन 2026-27 के मद्देनजर बलरामपुर जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। खेती-किसानी के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों को समय पर और बिना किसी बाधा के खाद (उर्वरक) उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के कड़े निर्देशन में जिले की सभी वितरण प्रणालियों पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी क्षेत्र में खाद की किल्लत न हो।
कृषि विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में जिले के पास विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण मौजूद है और मांग के अनुरूप किसानों को सुगमता से वितरण की कार्रवाई निरंतर जारी है।
आंकड़ों की जुबानी: जिले में खाद भंडारण और वितरण की स्थिति
कृषि विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, खरीफ सीजन के लिए जिले में अब तक कुल 9,855.2 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण सुनिश्चित किया गया है। इसमें से 2,756.87 मीट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है। राहत की बात यह है कि शुरुआती उठाव के बाद भी वर्तमान में जिले के गोदामों और सोसायटियों में 7,098.31 मीट्रिक टन खाद का मजबूत स्टॉक सुरक्षित है, जिससे आने वाले दिनों में मांग बढ़ने पर भी आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
विभिन्न खादों का विस्तृत लेखा-जोखा (मीट्रिक टन में):
यूरिया: जिले को कुल 3,686.46 मीट्रिक टन यूरिया प्राप्त हुआ था, जिसमें से 1,210.7 मीट्रिक टन किसानों को बांटा जा चुका है।
इफको (IFFCO): कुल 1,579.25 मीट्रिक टन के स्टॉक में से 764.3 मीट्रिक टन का वितरण हो चुका है।
डीएपी (DAP): कुल भंडारित 1,136.65 मीट्रिक टन में से 520.6 मीट्रिक टन खाद किसान ले जा चुके हैं।
सिंगल सुपर फास्फेट (SSP): कुल 432.35 मीट्रिक टन का भंडारण किया गया है, जिसमें से अब तक 145.2 मीट्रिक टन वितरित की गई है।
एमओपी (MOP): कुल 263.60 मीट्रिक टन के स्टॉक में से 116.1 मीट्रिक टन का उठाव किया जा चुका है।
निजी विक्रेताओं और सोसायटियों पर प्रशासन की कड़ी नजर
खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए कृषि विभाग की टीमें सहकारी समितियों, प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के साथ-साथ निजी उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक और बिक्री रजिस्टरों की नियमित जांच कर रही हैं। भंडारण और वितरण व्यवस्था की इस दैनिक समीक्षा का फायदा यह है कि किसी भी केंद्र पर कमी की संभावना होने से पहले ही वहां अतिरिक्त आवंटन और आपूर्ति भेज दी जा रही है।
जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों की खैर नहीं: कलेक्टर
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने इस पूरी व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को बेहद कड़े लहजे में निर्देशित किया है। उन्होंने साफ कहा है कि अन्नदाताओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान (खाद-बीज) उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
“उर्वरकों के वितरण में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जिले में कहीं भी खाद की कृत्रिम कमी दिखाने, जमाखोरी करने या ऊंची कीमतों पर कालाबाजारी करने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित विक्रेता या जिम्मेदार के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।”
— चंदन संजय त्रिपाठी, कलेक्टर, बलरामपुर
कृषि विभाग की अपील: ‘अफवाहों से बचें, संतुलित खाद अपनाएं’
इसी बीच, कृषि विभाग ने जिले के किसान भाइयों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या पैनिक का शिकार न हों। जिले में खाद की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसान अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही खाद की खरीदी करें और अनावश्यक भंडारण से बचें।
इसके साथ ही, कृषि वैज्ञानिकों की सलाह का हवाला देते हुए विभाग ने कहा है कि खेतों में केवल यूरिया या डीएपी पर निर्भर न रहकर संतुलित उर्वरक उपयोग (नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का सही अनुपात) को अपनाएं। इससे न केवल खेती की लागत कम होगी और मिट्टी की सेहत सुधरेगी, बल्कि फसलों का उत्पादन भी बंपर मिलेगा। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरे खरीफ सीजन के दौरान यह सतत निगरानी और निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।

