सूरजपुर महा-ब्रेकिंग: नीलम बस से ₹2 करोड़ का 20 क्विंटल गांजा जब्त; 20 सवारियों की जान जोखिम में डाल MP के कटनी ले जा रहे थे तस्कर

Deshkibaat24
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सूरजपुर :  जिले से नशे के कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे सनसनीखेज और बड़ी कामयाबी की खबर सामने आई है। जिले की जयनगर थाना पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की सजगता से सिलफिली क्षेत्र में एक यात्री बस से करीब 20 क्विंटल (2,000 किलोग्राम) अवैध गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
तस्करों ने इस पूरी खेप को मध्य प्रदेश के कटनी जिले में खपाने की योजना बनाई थी, जिसे सूरजपुर पुलिस और जनता के संयुक्त प्रयास ने नाकाम कर दिया।
‘मानव ढाल’ की आड़ में हो रही थी करोड़ों की तस्करी
इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि तस्करों ने कानून और पुलिस चेकिंग से बचने के लिए आम नागरिकों को ‘ह्यूमन शील्ड’ (मानव ढाल) के रूप में इस्तेमाल किया। गांजे की इतनी बड़ी खेप को ‘नीलम’ ट्रेवल्स की बस की छतों और गुप्त केबिनों में छिपाया गया था।
यह बस अंबिकापुर से सूरजपुर की ओर आगे बढ़ रही थी। पुलिसिया कार्रवाई के दौरान जब बस को खंगाला गया, तो उसमें महिला, पुरुष और बच्चों समेत करीब 20 यात्री सवार थे। तस्करों की इस करतूत ने इन बेकसूर यात्रियों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है, जो अनजाने में एक बड़े आपराधिक रैकेट का हिस्सा बनने के मुहाने पर खड़े थे।
स्थानीय ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी, बीच सड़क पर रुकवाई बस
नशे के इस काले कारोबार को बेनकाब करने में स्थानीय ग्रामीणों का साहस सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। सूत्रों के अनुसार, ग्रामीणों को बस की संदिग्ध गतिविधियों और उसमें लोड किए जा रहे सामान को लेकर शक हुआ था।
बिना डरे, स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने सिलफिली के पास बीच सड़क पर ही ‘नीलम’ बस को घेराबंदी कर रुकवा लिया। ग्रामीणों के इस अचानक कदम से बस में मौजूद गांजा सप्लायरों और तस्करों के हाथ-पांव फूल गए। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना जयनगर थाना पुलिस को दी।
पुलिस को देख कमलपुर की तरफ भागे तस्कर, घेराबंदी जारी
जैसे ही जयनगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, खुद को घिरता देख गांजा सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी बस से कूदकर भाग निकले। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सभी आरोपी पास के ही कमलपुर गांव की झाड़ियों और खेतों की तरफ भागे हैं।
घटना के तुरंत बाद सूरजपुर पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। कमलपुर सहित आसपास के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए जंगलों और ग्रामीण इलाकों में सघन सर्चिंग ऑपरेशन (कॉम्बिंग) चलाया जा रहा है।
जांच के दायरे में कई बड़े नाम: अंतराज्यीय गिरोह का शक
प्रारंभिक जांच में जो कड़ियां जुड़ रही हैं, वे किसी बड़े अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट की ओर इशारा कर रही हैं। गांजे की इतनी बड़ी मात्रा (20 क्विंटल) यह साफ करती है कि यह किसी छोटे पैडलर का काम नहीं है। पुलिस अब निम्नलिखित बिंदुओं पर गहराई से तफ्तीश कर रही है:
नीलम बस के मालिक और स्टाफ की भूमिका: क्या बस ऑपरेटर भी इस तस्करी में शामिल थे या उनकी मिलीभगत थी?
सप्लाई का मुख्य स्रोत: ओडिशा या बस्तर के रास्ते यह गांजा अंबिकापुर तक कैसे पहुंचा?
कटनी का मुख्य रिसीवर: मध्य प्रदेश के कटनी में यह माल किसे डिलीवर होना था?
अधिकारियों का रुख:
पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की शिनाख्त कर ली गई है और जल्द ही वे सलाखों के पीछे होंगे। पुलिस इस मामले में एनडीपीएस (NDPS Act) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

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