सूरजपुर में शिक्षा विभाग की वृहद समीक्षा बैठक संपन्न: आगामी सत्र में शत-प्रतिशत दाखिले और व्यवस्थित संचालन के कड़े निर्देश

Deshkibaat24
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सूरजपुर : कलेक्टर रेना जमील के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में सूरजपुर जिले के शिक्षा एवं समग्र शिक्षा विभाग की एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभागीय समीक्षा बैठक जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) और सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (एबीईओ) ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी शैक्षणिक सत्र के सुचारू संचालन, शाला प्रवेश उत्सव की व्यापक तैयारियों और जिले में स्कूली बच्चों के शत-प्रतिशत समयबद्ध दाखिले को सुनिश्चित करना रहा। अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि नए सत्र की शुरुआत में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पोर्टल अपडेशन और डिजिटल डेटा प्रविष्टि पर जोर
बैठक के दौरान प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और गति लाने के उद्देश्य से विभिन्न डिजिटल पोर्टल्स की समीक्षा की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को सीजीएमएस (CGMS) पोर्टल को तत्काल अद्यतन करने तथा ई-एचआरएमएस (e-HRMS) पोर्टल पर सभी कर्मचारियों के सेवा संबंधी डेटा की शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, विभाग में चल रही सीधी भर्ती की अद्यतन जानकारी और सीजी स्कूल पोर्टल में विद्यालयों की मूलभूत जानकारियों को बिना किसी त्रुटि के दर्ज करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। विद्यार्थियों की विशिष्ट पहचान के लिए ‘अपार आईडी’ (APAAR ID) के शत-प्रतिशत जनरेशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे अभियान चलाकर पूरा करने की बात कही गई।
बुनियादी ढांचा और छात्र सुरक्षा सर्वोपरि: 15 जून की समय-सीमा
स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से निर्माण एवं रखरखाव कार्यों की कड़ाई से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्माण एजेंसियों से सघन समन्वय स्थापित कर सभी निर्माणाधीन शौचालयों को हर हाल में 15 जून 2026 तक पूर्ण कराएं। इसके अतिरिक्त, विगत तीन वर्षों में पूर्ण हो चुके सभी निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन करते हुए ‘फोटोमय प्रतिवेदन’ (सचित्र रिपोर्ट) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नए सत्र की शुरुआत से पहले, यानी 15 जून तक सभी शाला भवनों की आवश्यक लिपाई-पुताई, किचन शेड तथा पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई व सैनिटाइजेशन सुनिश्चित की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर, स्कूलों में विद्युत के खुले तारों, जर्जर स्विचों और खतरनाक वायर कनेक्शनों को पूरी तरह से कवर करने और दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों में कोताही मिलने पर संबंधित शाला प्रमुख के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कल्याणकारी योजनाओं का सुचारू क्रियान्वयन
बैठक में शासन की विभिन्न छात्र कल्याणकारी योजनाओं के समय पर क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अंतर्गत निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों के सुरक्षित भंडारण, क्यूआर-कोड स्कैनिंग और समय पर वितरण की व्यवस्था की समीक्षा की गई। साथ ही, पात्र छात्र-छात्राओं को निःशुल्क गणवेश (यूनिफॉर्म) तथा सरस्वती सायकल वितरण योजना का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए पूर्व तैयारी करने को कहा गया। जिले के ऐसे शासकीय स्कूल जहां अब तक बिजली कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है, उनकी सूची तैयार कर वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए गए ताकि वहां वैकल्पिक माध्यमों से विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और साक्षरता अभियान पर ध्यान
सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने के लिए, बैठक में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन – CWSN) के चिन्हांकन हेतु सर्वेक्षण की तैयारियों की रूपरेखा बनाई गई ताकि उन्हें आवश्यक उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। वर्तमान में चल रहे समर कैंपों के सफल संचालन की सराहना करते हुए इसे निरंतर प्रभावी बनाए रखने को कहा गया। वहीं दूसरी ओर, ‘उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निरक्षरों (असाक्षरों) का एक व्यापक और सघन सर्वेक्षण करने की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी गई है, जिससे साक्षरता की दरों में गुणात्मक सुधार लाया जा सके।
सुशासन तिहार और जनशिकायतों का त्वरित निराकरण
प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए बैठक के अंतिम चरण में ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से प्राप्त हुई जन-मांगों, आवेदनों और शिकायतों की समीक्षा की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आम जनता और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों व मांगों का नियमानुसार और समयबद्ध सीमा के भीतर त्वरित निराकरण किया जाए।

इस महत्वपूर्ण बैठक में सहायक संचालक शिक्षा, डीपीओ, डीएलएमए (उल्लास-नवभारत साक्षरता) के मिशन समन्वयक सहित समग्र शिक्षा विभाग के सभी प्रमुख जिला स्तरीय अधिकारी और तकनीकी स्टाफ उपस्थित रहे।

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