
सूरजपुर : जिले के विकासखंड सिलफिली अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र माझापारा करवां में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और शासन की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
विशेषज्ञों ने दी योजनाओं की जानकारी
शिविर में महिला सशक्तिकरण केंद्र की जेंडर विशेषज्ञ सलोनी कुजूर और वित्तीय साक्षरता समन्वयक फरजाना ने शिरकत की। विशेषज्ञों ने ग्रामीण जनों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण और आर्थिक स्वावलंबन पर जोर दिया।
इन गंभीर विषयों पर हुई चर्चा
शिविर के दौरान समाज में व्याप्त कुरीतियों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से बात की गई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
बाल सुरक्षा: गुड टच-बैड टच की पहचान और बाल विवाह की रोकथाम।
सामाजिक समानता: भ्रूण हत्या पर रोक और लैंगिक समानता का महत्व।
विधिक सहायता: महिला उत्पीड़न की स्थिति में कानूनी अधिकार और सखी वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली।
प्रमुख योजनाओं का ई-केवाईसी और लाभ
ग्रामीणों को वर्तमान में संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं की तकनीकी जानकारी भी दी गई:
महतारी वंदन योजना: इसके अंतर्गत ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करने के तरीके बताए गए।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य और पोषण सहायता।
सुकन्या समृद्धि योजना: बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए बचत का महत्व।
साइबर सुरक्षा और आपातकालीन नंबर
बढ़ते डिजिटल युग में साइबर अपराधों के खतरों को देखते हुए वक्ताओं ने ग्रामीणों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी साझा की गई:
112: आपातकालीन सहायता
1098: चाइल्ड हेल्पलाइन
181: महिला हेल्पलाइन
1930: साइबर अपराध रिपोर्टिंग
शिविर के अंत में योजनाओं से संबंधित ब्रोशर वितरित किए गए ताकि ग्रामीण जन घर ले जाकर विस्तृत जानकारी पढ़ सकें। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, महिलाएं और बालिकाएं उपस्थित रहीं।