रिश्तों का कत्ल: छोटे भाई की अनुपस्थिति में जेठ ने किया बहू से दुष्कर्म, बतौली पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल

Deshkibaat24
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अंबिकापुर बतौली/सरगुजा :  जिले के थाना बतौली क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ एक कलयुगी जेठ ने अपने छोटे भाई की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए अपनी ही बहू (छोटे भाई की पत्नी) के साथ जबरन दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम गोविन्दपुर निवासी भोला राम कोरवा (35 वर्ष) का छोटा भाई वर्तमान में पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जेल में बंद है। पीड़िता अपने सास-ससुर और एक वर्षीय बच्ची के साथ घर पर रह रही थी। घटना 18 अप्रैल 2026 की रात की है।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि रात करीब 9:00 बजे, जब वह अपनी बच्ची के साथ घर की परछी (ओसारे) में सो रही थी, तभी उसका जेठ भोला राम कोरवा वहाँ पहुँचा। आरोपी ने अचानक उसे परछी से खींचकर आंगन में ले जाने का प्रयास किया। जब पीड़िता ने शोर मचाकर अपने ससुर और ननद को मदद के लिए पुकारा, तो आरोपी ने उन्हें बाहर न निकलने की धमकी दी।
मारपीट और जबरदस्ती
आरोपी ने पीड़िता का मुंह और गला दबाकर उसे जमीन पर पटक दिया। जब पीड़िता ने विरोध करने की कोशिश की, तो भोला राम कोरवा ने डंडे से उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसके कमर, पीठ और बाएं पैर में गंभीर चोटें आईं। इसके बाद आरोपी ने डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए 23 अप्रैल को थाना बतौली में लिखित शिकायत दर्ज कराई। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर बतौली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अपराध क्रमांक 49/2026 दर्ज किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) और 115(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
थाना प्रभारी विवेक सेंगर के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा। पूछताछ में जुर्म स्वीकार करने के बाद पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया डंडा भी जब्त कर लिया है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा (जेल) भेज दिया गया है।
टीम की भूमिका
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी विवेक सेंगर, सहायक उपनिरीक्षक (सउनि) संजय गुप्ता, आरक्षक राजेश खलखो, विकास एक्का, राजीव कुजूर और महिला आरक्षक मेरी क्लारेट की सक्रिय भूमिका रही।
सावधान रहें: घरेलू हिंसा या यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में चुप्पी न साधें, तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें।

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