सूरजपुर : जिले में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर एस. जयवर्धन की अध्यक्षता में जिला संयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों और गैस वितरकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी प्रकार की बाधा या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आपूर्ति और प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान जिले में ईंधन की आवक, वर्तमान स्टॉक और बिक्री के आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। एस. जयवर्धन ने संचालकों से मांग और आपूर्ति के अंतर को लेकर जानकारी ली और निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को अपनी जरूरतों के लिए भटकना न पड़े। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जिले में एक सुगम और पारदर्शी वितरण प्रणाली स्थापित करना है।
बोतल में पेट्रोल देने पर प्रतिबंध और कड़ी निगरानी
सुरक्षा और कालाबाजारी को रोकने के उद्देश्य से प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि:
किसी भी स्थिति में पेट्रोल या डीजल को बोतल या डिब्बों में नहीं बेचा जाएगा।
पंप संचालक यह सुनिश्चित करें कि ईंधन केवल वाहनों के टैंक में ही भरा जाए।
खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से पंपों का औचक निरीक्षण करें और गड़बड़ी मिलने पर तत्काल दंडात्मक कार्यवाही करें।
ऑनलाइन बुकिंग और OTP से ही मिलेगा सिलेंडर
एलपीजी वितरण व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे:
गैस सिलेंडर की बुकिंग केवल ऑनलाइन माध्यमों से ही करें।
सिलेंडर प्राप्त करते समय OTP (वन टाइम पासवर्ड) का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
प्रशासन के अनुसार, OTP आधारित व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और पात्र हितग्राही तक गैस सिलेंडर की पहुंच सुनिश्चित होगी।
जमाखोरी रोकने की अपील
बैठक में ‘अनावश्यक संग्रहण’ के विरुद्ध भी चेतावनी दी गई है। जिला प्रशासन ने आम जनता से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) न करें। अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही उत्पादों का उपयोग करें ताकि बाजार में कृत्रिम कमी पैदा न हो।
अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश
बैठक के अंत में जिला खाद्य अधिकारी संदीप भगत और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे वितरकों के साथ समन्वय बनाए रखें। उपभोक्ताओं की किसी भी शिकायत का समाधान तुरंत प्रभाव से किया जाना चाहिए। बैठक में जिले के सभी प्रमुख पेट्रोल पंप संचालक और गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्य संदेश: जिला प्रशासन ईंधन की कालाबाजारी और अनियमितता को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। आम नागरिक सहयोग करें और डिजिटल माध्यमों को अपनाएं।
सूरजपुर: ईंधन और गैस की निर्बाध आपूर्ति के लिए प्रशासन सख्त, कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक
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