अम्बिकापुर: सरकारी राशन दुकान में 5.51 लाख का गबन, सहायता समूह की अध्यक्ष गिरफ्तार

Deshkibaat24
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अम्बिकापुर : सरगुजा जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों को बाँटे जाने वाले खाद्यान्न में हेराफेरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। थाना कोतवाली पुलिस ने सरकारी राशन दुकान से 139 क्विंटल से अधिक चावल गबन करने के आरोप में एक महिला विक्रेता को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
कलेक्टर खाद्य शाखा की जाँच में हुआ खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब कलेक्टर खाद्य शाखा अम्बिकापुर में पदस्थ शिव कुमार मिश्रा ने अपनी टीम के साथ 11 मार्च 2026 को महामाया वार्ड स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 391001032 का औचक निरीक्षण किया। इस दुकान का संचालन मार्च 2015 से समवृद्ध स्वयं सहायता समूह दर्रीपारा द्वारा किया जा रहा था।
भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के दौरान अधिकारियों ने पाया कि स्टॉक रजिस्टर और मौके पर उपलब्ध खाद्यान्न के बीच भारी अंतर है। जाँच में कुल 139.49 क्विंटल चावल गायब मिला, जिसकी कुल सरकारी कीमत लगभग 5,51,112 रुपये आँकी गई है।
अध्यक्ष ने खुद को बताया बेबस, पर गबन स्वीकारा
खाद्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर थाना कोतवाली में आरोपी शोभा सिंह (उम्र 56 वर्ष) के खिलाफ धारा 316(5) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी शोभा सिंह ने खाद्यान्न की कमी और गबन की बात स्वीकार कर ली है। आरोपी का कहना था कि रिकॉर्ड ऑनलाइन होने की वजह से वह रजिस्टर पेश नहीं कर सकी, हालांकि पुलिस ने इसे गबन छिपाने का बहाना माना है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
विवेचना के दौरान ठोस सबूत मिलने के बाद थाना कोतवाली पुलिस ने आरोपी शोभा सिंह (निवासी दर्रीपारा) को हिरासत में लिया। पुलिस ने बताया कि शासकीय संपत्ति और गरीबों के हक के अनाज में इस तरह की हेराफेरी गंभीर आर्थिक अपराध की श्रेणी में आती है। आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
कार्यवाही में शामिल टीम:
इस पूरे मामले को सुलझाने और गिरफ्तारी सुनिश्चित करने में निम्नलिखित पुलिस कर्मियों की प्रमुख भूमिका रही:
शशिकान्त सिन्हा (थाना प्रभारी, निरीक्षक)
के के यादव (उप निरीक्षक)
विवेक पाण्डेय (सहायक उप निरीक्षक)
किरण अमलावति (महिला आरक्षक)
लालभुवन एवं दीपक पाण्डेय (आरक्षक)
निष्कर्ष: शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता न बरतने वाले समूहों पर अब प्रशासन की पैनी नजर है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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