सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य के उन क्षेत्रों तक बिजली पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है, जो दशकों से अंधेरे में थे। इस मिशन को धरातल पर उतारने में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की सक्रिय भूमिका रही है। उनके प्रयासों से सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा अंतर्गत चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों और आश्रित टोलों के विद्युतीकरण के लिए कार्य आदेश जारी कर दिए गए हैं।
28 से अधिक परियोजनाओं को मिली तकनीकी स्वीकृति
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले इन कार्यों के माध्यम से 28 से अधिक विद्युतीकरण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
मुख्य विवरण:
लक्ष्य: 3 माह के भीतर कार्य पूर्ण करना।
उत्तरदायित्व: सूरजपुर के कार्यपालन अभियंता को गुणवत्ता और समय सीमा की निगरानी का जिम्मा।
मुख्य फोकस: उन टोलों को प्राथमिकता दी गई है जहाँ अब तक नियमित बिजली की पहुंच नहीं थी।
इन गांवों और टोलों का बदलेगा स्वरूप
राजवाड़े की पहल पर स्वीकृत इस योजना के तहत कई ग्राम पंचायतों के उन भीतरी हिस्सों को जोड़ा गया है, जिन्हें ‘पारा’ या ‘टोला’ कहा जाता है।
ग्राम पंचायत विद्युतीकरण के लिए चयनित टोले/पारा
कोल्हुआ स्कूलपारा, हरिजनपारा
महुली पांडोपारा, खासपारा
करोटी पहाड़पारा, मधवानीपारा
चोंगा आमपारा, श्यामपारा
अन्य क्षेत्र कछवारी, खैरा, नवडीहा और कछिया
सामाजिक और आर्थिक बदलाव की उम्मीद
वनांचल क्षेत्रों में बिजली का पहुंचना केवल रोशनी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी परिणाम होंगे:
शिक्षा: स्कूलपारा और पांडोपारा जैसे क्षेत्रों के बच्चे अब रात में भी पढ़ाई कर सकेंगे। डिजिटल शिक्षा के माध्यमों का उपयोग आसान होगा।
स्वास्थ्य: बिजली आने से स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में जीवन रक्षक दवाओं और टीकों का भंडारण सुरक्षित तरीके से हो सकेगा।
रोजगार: ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसायों, वेल्डिंग दुकानों, और कृषि आधारित कुटीर उद्योगों को नई गति मिलेगी।
सुरक्षा: वनांचल क्षेत्रों में रात के समय रोशनी होने से जंगली जानवरों के खतरे और अन्य सुरक्षा संबंधी समस्याओं में कमी आएगी।
सुशासन की दिशा में बढ़ता कदम
इस उपलब्धि पर लक्ष्मी राजवाड़े ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश का अंतिम व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल शहरों का विकास नहीं, बल्कि उन सुदूर अंचलों तक पहुंचना है जहाँ बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहा है।

