रघुनाथनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मवेशी तस्करी के संगठित गिरोह का भंडाफोड़, महिला समेत 4 गिरफ्तार

Deshkibaat24
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बलरामपुर-रामानुजगंज: जिले के रघुनाथनगर बलंगी क्षेत्र में पुलिस ने मवेशी तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक सुनियोजित रेड के दौरान संगठित गिरोह के 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई में तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही दो पिकअप और एक लग्जरी कार भी जब्त की गई है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
पुलिस अधीक्षक बलरामपुर, वैभव बैंकर के निर्देशन में मवेशी तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसडीओपी वाड्रफनगर के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। 28-29 मार्च की दरमियानी रात पुलिस को सूचना मिली थी कि बलंगी क्षेत्र से अवैध रूप से मवेशियों का परिवहन किया जाना है।
पुलिस टीम ने बलंगी चौकी के सामने बैरियर लगाकर घेराबंदी की। इस दौरान तेज रफ्तार से आ रही दो पिकअप गाड़ियों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर दोनों चालक फरार हो गए। तलाशी लेने पर प्रत्येक पिकअप में 7-7 नग भैंस (कुल 14 नग) लदी पाई गईं।
कार चालक की निशानदेही पर खुला राज
तस्करी के दौरान ही पुलिस ने एक संदिग्ध ब्रेंजा विटारा कार (CG 30 J 5161) के चालक को मौके पर दबोचा। पकड़े गए आरोपी जितेंद्र जायसवाल ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह माणिकचंद सोनवानी, दीपक सोनवानी और अन्य के साथ मिलकर संगठित रूप से मवेशी तस्करी का काम करता है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि तस्करी से होने वाली काली कमाई आरोपी माणिकचंद की पत्नी देवमती सोनवानी के बैंक खाते में जमा की जाती थी।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
जितेन्द्र जायसवाल, पिता हुकुमचंद (निवासी केसारी)
माणिकचंद सोनवानी, पिता स्व. रामनाथ (निवासी केसारी)
दीपक सोनवानी, पिता गोपीचंद सोनवानी (निवासी केसारी)
देवमती सोनवानी, पति माणिकचंद सोनवानी (निवासी केसारी)
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी जितेन्द्र जायसवाल आदतन अपराधी है और पहले भी मवेशी तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2005 और पशु क्रूरता अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।

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