
अंबिकापुर (सरगुजा): सरगुजा पुलिस ने ठगी के एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने एक परिवार को नकली सोने का बिस्किट थमाकर उनसे करीब 37 लाख रुपये मूल्य के जेवरात और नगदी ठग लिए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 लाख 31 हजार रुपये नगद और भारी मात्रा में सोने के जेवर बरामद किए हैं।
विश्वास का फायदा उठाकर दी ठगी को अंजाम
मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी ने 8 मार्च 2026 को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी के मुताबिक, मंजू राठौर नाम की महिला पिछले 7-8 वर्षों से उनके घर घी बेचने आती थी और खुद को राजस्थान का निवासी बताती थी। विश्वास का फायदा उठाते हुए मंजू ने प्रार्थी को झांसा दिया कि उसके घर में शादी है और उसे तत्काल जेवरों की जरूरत है।
उसने प्रार्थी को ‘सोने के बिस्किट’ दिखाए और उसके बदले प्रार्थी की बेटी की शादी के लिए रखे 200 ग्राम सोने के जेवरात (हार, कंगन, अंगूठी) और 15 लाख रुपये नगद ले लिए। आरोपियों के जाने के बाद जब प्रार्थी ने उन बिस्किटों की जांच कराई, तो वे नकली निकले।
पुलिस की छापेमारी: गुजरात और यूपी से हुई गिरफ्तारी
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया।
पहली टीम: गुजरात के राजकोट से मंजू राठौर और संतोष राठौर को गिरफ्तार किया। इनके पास से 7 लाख 78 हजार रुपये और सोने का कड़ा बरामद हुआ।
दूसरी टीम: आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंची, जहाँ से सुनीता गुजराती और कमला गुजराती को पकड़ा गया। इनके पास से 12 लाख 53 हजार रुपये और सोने के जेवर मिले।
बरामदगी और कानूनी कार्यवाही
पुलिस ने चारों आरोपियों से कुल 20 लाख 31 हजार रुपये नगद, 100 ग्राम सोने के दो कड़े और 4 मोबाइल जब्त किए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि ठगी का कुछ सोना उन्होंने प्रयागराज के एक सुनार को बेच दिया है।
पुलिस ने थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 151/26 के तहत बी.एन.एस. की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी शशिकान्त सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी अजीत मिश्रा, अदीप प्रताप सिंह, विनय सिंह, भोजराज पासवान, विकास सिन्हा, सरस्वती, मनीष सिंह, जितेश साहू, विवेक राय, अशोक यादव और विकास मिश्रा की अहम भूमिका रही।

