
बलरामपुर: जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बलरामपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अफीम की खेती के मामले में अंतरराज्यीय कार्रवाई करते हुए बिहार और झारखंड से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में अब तक कुल 11 आरोपी सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज और पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीमों ने इस मामले की ‘एंड-टू-एंड’ विवेचना की। तकनीकी साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर पुलिस की टीमें लगातार बिहार और झारखंड के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। कड़े संघर्ष के बाद पुलिस ने दो मुख्य सरगनाओं को घेराबंदी कर धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
पैरू सिंह भोक्ता: पिता मटुक सिंह भोक्ता (उम्र 35 वर्ष), निवासी सोभिया, थाना बाराचट्टी, जिला गया, बिहार। (थाना कुसमी, अपराध क्रमांक 26/2026)
भूपेन्द्र उरांव उर्फ भूपेन्द्रा उरांव: पिता भुवनेश्वर उरांव (उम्र 38 वर्ष), निवासी ग्राम चाया, पोस्ट कुन्दा, जिला चतरा, झारखंड। (थाना कोरंधा, अपराध क्रमांक 04/2026)
करोड़ों की अफीम हुई थी बरामद
गौरतलब है कि पूर्व में पुलिस ने कुसमी और कोरंधा थाना क्षेत्रों के दुर्गम इलाकों में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया था।
ग्राम त्रिपुरी (कुसमी): यहाँ से करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये कीमत की अफीम नष्ट कर जब्त की गई थी।
ग्राम तुर्रीपानी (कोरंधा): यहाँ से करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य की अफीम की फसल पकड़ी गई थी।
आगे की कार्रवाई
दोनों राज्यों से गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों को छत्तीसगढ़ लाया गया है। पुलिस के अनुसार, इनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं, जिसके आधार पर उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। मामले की विवेचना अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

