
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ ने गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान ने सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत सौंपकर महिला DSP कल्पना वर्मा के विरुद्ध देशद्रोह और शासकीय गोपनीयता भंग करने की धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है।
गोपनीय जानकारी लीक करने का संगीन आरोप
शिकायत के अनुसार, महिला DSP कल्पना वर्मा पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ी अत्यंत संवेदनशील और गोपनीय जानकारियां लीक करने का आरोप है। संघ का दावा है कि DSP द्वारा साझा की गई जानकारी सीधे तौर पर नक्सल विरोधी अभियानों (Naxal Operations) की सुरक्षा रणनीति को प्रभावित करती है।
उज्जवल दीवान ने आरोप लगाया कि, “ऐसी गोपनीय सूचनाओं का अनधिकृत रूप से बाहर आना न केवल विभाग के साथ विश्वासघात है, बल्कि मोर्चे पर तैनात जवानों की जान को सीधे खतरे में डालने जैसा है।”
सबूत के तौर पर सौंपे चैट के स्क्रीनशॉट्स
मामले की गंभीरता को देखते हुए संघ के अध्यक्ष ने सिविल लाइन थाना प्रभारी को शिकायत के साथ कुछ डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं। इनमें कथित तौर पर हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट्स शामिल हैं, जिन्हें आधार बनाकर पुलिस से निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
इन धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग
संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ ने मांग की है कि राष्ट्र की सुरक्षा और जवानों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने के जुर्म में DSP के खिलाफ निम्नलिखित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज हो:
* देशद्रोह (Sedition) संबंधित धाराएं।
* शासकीय गुप्त बात अधिनियम (Official Secrets Act – OSA)।
* राष्ट्रीय सुरक्षा और ऑपरेशनल गोपनीयता भंग करने से जुड़ी अन्य धाराएं।
पुलिस का पक्ष
रायपुर पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है। अधिकारियों का कहना है कि दी गई शिकायत और तकनीकी साक्ष्यों (चैट आदि) की प्राथमिक जांच की जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
> ब्यूरो रिपोर्ट, रायपुर

