विशेष संवादाता मोहम्मद रिजवान
बलरामपुर: कुसमी ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में प्रतिभाएं जब खुद जिम्मेदारी उठाकर समाज को नई दिशा देने लगें, तो बदलाव की बयार आना निश्चित है। कुछ ऐसा ही अनूठा उदाहरण कुसमी में देखने को मिला है, जहां शिक्षा के क्षेत्र में एक नई, प्रेरणादायक और अनुकरणीय पहल की शुरुआत हुई है। क्षेत्र की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा की टॉपर और मेधावी छात्राओं ने मिलकर ‘रैंकर्स कोचिंग क्लासेस’ का शुभारंभ किया है। इस कोचिंग का संचालन स्थानीय गैलेक्सी पब्लिक स्कूल परिसर में किया जा रहा है।
व्यवसाय नहीं, सेवा भाव है मुख्य उद्देश्य
इस अनूठी कोचिंग क्लास को शुरू करने का उद्देश्य व्यावसायिक लाभ कमाना बिल्कुल नहीं है। संचालकों के मुताबिक, इस पहल की नींव पूरी तरह से सेवा भाव पर टिकी है। अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई होनहार छात्र-छात्राएं आर्थिक तंगी या सही मार्गदर्शन न मिलने के कारण पढ़ाई में पिछड़ जाते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए इन टॉपर छात्राओं ने खुद आगे आकर कमान संभाली है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों को भी शहर जैसा उच्च स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन मिल सके।
5 दिनों की निशुल्क डेमो क्लास से होगी परख
कोचिंग की संचालिका बुशरा फातिमा ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता पर उनका सबसे ज्यादा ध्यान है। विद्यार्थियों और अभिभावकों की सहूलियत के लिए शुरुआत में 5 दिनों तक निशुल्क (फ्री) डेमो क्लास संचालित की जाएगी। इच्छुक छात्र-छात्राएं बिना किसी शुल्क के इन कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं और यहां की शिक्षा पद्धति, शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके और माहौल का अनुभव ले सकते हैं। जब छात्र और उनके अभिभावक पूरी तरह संतुष्ट हो जाएंगे, उसके बाद ही वे नियमित प्रवेश (एडमिशन) ले सकते हैं।
कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए व्यापक सुविधाएं
कोचिंग के सहसंचालक अभिनव गुप्ता ने बताया कि यहां कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और बोर्ड परीक्षाओं में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए कोचिंग में कई विशेष सुविधाएं तैयार की गई हैं, जो इस प्रकार हैं:
विषय वार गहन अध्ययन: हर विषय को गहराई से और बुनियादी स्तर से समझाया जाएगा।
डाउट क्लीयरिंग सेशन: विद्यार्थियों के मन में उठने वाली हर शंका और कठिन सवालों के समाधान के लिए अलग से सत्र (क्लासेस) रखे जाएंगे।
चैप्टर वार नोट्स: पढ़ाई को आसान बनाने के लिए हर अध्याय (चैप्टर) के विशेष और सटीक नोट्स दिए जाएंगे।
नियमित टेस्ट: छात्रों की तैयारी को परखने के लिए साप्ताहिक और मासिक टेस्ट आयोजित किए जाएंगे।
व्यक्तिगत मार्गदर्शन और प्रदर्शन विश्लेषण: प्रत्येक विद्यार्थी की कमजोरी और ताकत को पहचान कर उसे व्यक्तिगत रूप से गाइड किया जाएगा और उसके प्रदर्शन का लगातार विश्लेषण (एनालिसिस) होगा ताकि वह खुद में सुधार कर सके।
आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए न्यूनतम शुल्क
रैंकर्स कोचिंग क्लासेस के संचालकों का स्पष्ट कहना है कि शिक्षा पर हर बच्चे का समान अधिकार है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए कोचिंग का शुल्क (फीस) बेहद कम रखा गया है, ताकि गरीब से गरीब परिवार के बच्चे भी केवल पैसों की कमी की वजह से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहें। उनका लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास (कॉन्फिडेंस) विकसित करना है, जिससे वे अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार हो सकें।
अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह
इस सकारात्मक पहल की कुसमी क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों, प्रबुद्ध जनों और अभिभावकों ने दिल खोलकर सराहना की है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह बहुत गर्व की बात है कि क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राएं स्वयं आगे बढ़कर अन्य विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर शिक्षा का स्तर बेहतर होगा, बल्कि अन्य बच्चों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
रैंकर्स कोचिंग क्लासेस की यह शुरुआत कुसमी क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर और सकारात्मक कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों के भविष्य को एक नई और सही दिशा मिलने की पूरी उम्मीद है।