बलरामपुर-रामानुजगंज : जिले के रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने क्रूरतापूर्वक मवेशियों को बूचड़खाने ले जा रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनके कब्जे से पुलिस ने 6 मवेशियों (गाय और बछड़े) को सुरक्षित बचाया है। गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 16 जुलाई 2026 की है। रामचंद्रपुर पुलिस को एक जागरूक ग्रामीण (सूचक) के माध्यम से सूचना मिली कि कुछ लोग बेहद बेरहमी से मारते-पीटते हुए 6 रास गाय और बछड़ों को अवैध रूप से बूचड़खाने की तरफ ले जा रहे हैं।
जब सूचक और स्थानीय लोगों ने आरोपियों को रोककर उनसे पूछताछ करने की कोशिश की, तो आरोपी पकड़े जाने के डर से मवेशियों को मौके पर ही लावारिस छोड़कर भाग खड़े हुए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मवेशियों की जब्ती
सूचना मिलते ही रामचंद्रपुर थाना पुलिस बिना समय गंवाए तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले तस्करों के चंगुल से छुड़ाए गए सभी 6 रास मवेशियों को अपनी कस्टडी में लिया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 31/2026 दर्ज कर उनकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी।
फरार आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार और थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित घेराबंदी करते हुए फरार चल रहे दोनों आरोपियों को ढूंढ निकाला और उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:
मौजिद्दीन जुलाहा (उम्र 35 वर्ष, पिता: यासीन), निवासी: ग्राम दौलगी, थाना रामचंद्रपुर।
ऐनुल (उम्र 24 वर्ष, पिता: कासिम), निवासी: ग्राम दौलगी, थाना रामचंद्रपुर।
लगीं गंभीर धाराएं
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कानूनी कार्रवाई की है। दोनों के विरुद्ध निम्नलिखित कड़े कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है:
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11
छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण निवारण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से अदालत के आदेश पर उन्हें जिला जेल दाखिल करा दिया गया है। पुलिस की इस मुस्तैद और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सराहना की जा रही है।