पशु तस्करी नेटवर्क पर बलरामपुर पुलिस का बड़ा प्रहार: फरार आरोपी सलमान गिरफ्तार, ब्रेजा कार और पिकअप समेत 12 भैंस जप्त

Deshkibaat24
7 Min Read

बलरामपुर : बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अवैध पशु परिवहन और क्रूरतापूर्वक की जा रही पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना राजपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अंतरराज्यीय पशु तस्करी गिरोह के एक और शातिर और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सलमान उर्फ सहजाद आलम के रूप में हुई है, जो इस काले कारोबार में मुख्य रूप से संलिप्त था। पुलिस ने इस पूरे मामले में अब तक 12 नग भैंसों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है, साथ ही तस्करी के काम में इस्तेमाल की जा रही एक लक्जरी ब्रेजा कार और एक पिकअप वाहन को भी जप्त करने में बड़ी कामयाबी पाई है।
मुखबिर की सटीक सूचना पर गोपालपुर के पास हुई थी घेराबंदी
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 11 जून 2026 को हुई थी, जब थाना राजपुर पुलिस को विश्वस्त मुखबिर के जरिए एक अत्यंत गोपनीय और पुख्ता जानकारी प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया था कि कुछ शातिर पशु तस्कर भारी संख्या में मवेशियों को बेहद अमानवीय और क्रूरतापूर्ण तरीके से एक पिकअप वाहन में ठूंस-ठूंसकर भर चुके हैं और उन्हें छत्तीसगढ़ की सीमा से बाहर उत्तर प्रदेश की ओर तस्करी के इरादे से ले जाने की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना राजपुर पुलिस ने बिना वक्त गंवाए तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए ग्राम गोपालपुर के पास मुख्य मार्ग पर रणनीतिक रूप से घेराबंदी की और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी।
इसी दौरान पुलिस टीम को सामने से आ रही संदिग्ध पिकअप वाहन संख्या UP-65 QT-1375 दिखाई दी। पुलिस को देखकर वाहन चालक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने उसे चारों तरफ से घेरकर रोक लिया। जब पुलिसकर्मियों ने पिकअप वाहन के पिछले हिस्से की बारीकी से जांच की, तो वहां का नजारा बेहद भयावह और विचलित करने वाला था। वाहन के भीतर कुल 12 नग भैंसों को बिना चारे-पानी के, पैरों और गर्दन को बेरहमी से बांधकर बेहद क्रूरतापूर्वक अमानवीय ढंग से लादा गया था।
चालक मौके पर ही दबोचा गया, सह-आरोपी सलमान अब चढ़ा हत्थे
दिनांक 11 जून को की गई इस शुरुआती छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से पिकअप चालक अशोक गिरी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। अशोक गिरी उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के थाना चकिया क्षेत्र का निवासी है। हालांकि, इस कार्यवाही के दौरान उसके कुछ अन्य सहयोगी साथी अंधेरे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे थे। पुलिस द्वारा जब गिरफ्तार चालक अशोक गिरी से कड़ाई से पूछताछ की गई और मामले की सघन विवेचना शुरू की गई, तो यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि यह पूरा गिरोह सुनियोजित तरीके से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों से मवेशियों को एकत्रित कर उन्हें वध के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के विभिन्न अवैध कसाईखानों में खपाने की तैयारी में था।
फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों पर एक विशेष टीम लगातार तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों के नेटवर्क को खंगाल रही थी। इसी कड़ी में पुलिस को सफलता मिली जब तकनीकी इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर त्रिकुंडा थाना क्षेत्र के निवासी सलमान उर्फ सहजाद आलम को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण:
नाम: सलमान उर्फ सहजाद आलम (उम्र 28 वर्ष)
पिता का नाम: मुमताज आलम
निवास स्थान: ग्राम विष्णुपुरा महा देवपुर, चौकी डीन्दो, थाना त्रिकुंडा, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज
वर्तमान स्थिति: पुलिस द्वारा न्यायिक रिमांड हेतु न्यायालय में प्रस्तुत, जहां से उसे सीधे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
कड़ी कानूनी धाराओं के तहत अपराध क्रमांक 147/2026 पंजीकृत
राजपुर पुलिस ने इस गंभीर मामले में पशुओं के प्रति बढ़ती क्रूरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कदम उठाए हैं। थाना राजपुर में अपराध क्रमांक 147/2026 दर्ज कर विवेचना की जा रही है। आरोपियों के विरुद्ध निम्नलिखित कड़े कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है:
छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम 2024 की धारा 4, 6 एवं 10 (अवैध परिवहन और वध हेतु तस्करी पर प्रतिबंध)।
पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(डी) (पशुओं को प्रताड़ित करना और अनुचित ढंग से ले जाना)।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) (साझा आपराधिक मंशा के तहत कृत्य)।
इस पूरे मामले में पुलिस अब तक मुख्य रूप से प्रयुक्त 01 नग पिकअप वाहन और तस्करी की एस्कॉर्टिंग/रेकी में शामिल 01 नग ब्रेजा कार के साथ-साथ सभी 12 भैंसों को सुरक्षित जप्त कर चुकी है। जप्त किए गए सभी बेजुबान मवेशियों को पुलिस की देखरेख में सुरक्षित पशु संरक्षण गृह (गौशाला) भेज दिया गया है, जहां उनके उपचार और चारे-पानी की उचित व्यवस्था की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में संलिप्त कुछ अन्य फरार आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही वे भी सलाखों के पीछे होंगे।
बलरामपुर पुलिस की आमजन से विशेष अपील:
“पशु तस्करी, अवैध पशु परिवहन अथवा मवेशियों के प्रति किसी भी प्रकार की क्रूरता एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। बलरामपुर पुलिस जिले के समस्त नागरिकों से यह अपील करती है कि यदि आपके आस-पास या क्षेत्र में इस प्रकार की कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने या जिला पुलिस कंट्रोल रूम को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। आइए मिलकर पशु क्रूरता के खिलाफ इस अभियान में भागीदार बनें।”

Share This Article
Leave a comment