October 12, 2026
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अम्बिकापुर : सरगुजा पुलिस ने शहर के पॉश इलाके में हुई लाखो रुपये की चोरी के मामले में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। थाना गांधीनगर और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर न सिर्फ मामले का सनसनीखेज खुलासा किया, बल्कि चोरी की शत-प्रतिशत रकम यानी 5 लाख रुपये नगद भी बरामद कर लिए हैं। इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई बाहरी नहीं, बल्कि प्रार्थी के घर का भरोसेमंद नौकर और ड्राइवर ही निकले, जिन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती का झूठा नाटक रचा था। पुलिस ने मामले में एक नाबालिग (विधि से संघर्षरत बालक) समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मालिक सतरंगा घूमने गया, पीछे से वफादारों ने ही साफ किया हाथ
मामले का संक्षिप्त विवरण देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जवाहर मार्केट कॉलोनी (बनारस चौक) निवासी प्रार्थी सुभाष अग्रवाल ने थाना गांधीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुभाष अग्रवाल 11 जुलाई 2026 को अपने दोस्तों और परिवार के साथ घूमने के लिए सतरंगा (कोरबा) गए हुए थे। घर की रखवाली के लिए उन्होंने अपने घरेलू नौकर ईश्वर यादव को घर पर ही सोने के लिए छोड़ दिया था। परिवार रात में सतरंगा में ही रुक गया था।
तड़के सुबह करीब 03:30 बजे, सुभाष अग्रवाल के पड़ोसी ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि उनका नौकर ईश्वर यादव बेहद डरा-सहमा हुआ उनके पास आया है। ईश्वर ने पड़ोसी को बताया कि रात में कुछ अज्ञात नकाबपोश बदमाश घर में घुस आए थे, जिन्होंने उसके हाथ-पैर कपड़े से बांध दिए और घर में लूटपाट की। वह किसी तरह अपने हाथ-पैर खोलकर जान बचाकर भागा है।
जब खुली अलमारी, तो उड़ गए होश
पड़ोसी की सूचना पर जब सुभाष अग्रवाल ने पड़ोसी को अपने घर जाकर देखने को कहा, तो घर की बत्तियां और इनवर्टर बंद थे। लाइट जलाने पर पता चला कि अंदर के कमरे के दरवाजे की कुंडी टूटी हुई थी और अलमारी खुली पड़ी थी। सुभाष अग्रवाल जब आनन-फानन में अम्बिकापुर पहुंचे, तो देखा कि तिजोरी में रखे 5,00,000 रुपये (पाँच लाख रुपये) गायब थे। शुरुआत में हड़बड़ी के कारण शादी के सोने के गहने भी गायब होने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में प्रार्थी ने स्पष्ट किया कि गहने उनकी पत्नी ने पहले ही किसी सुरक्षित स्थान पर रख दिए थे, इसलिए सिर्फ नगदी की चोरी हुई थी।
गांधीनगर पुलिस ने इस मामले में प्रार्थी की शिकायत पर अपराध क्रमांक 437/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4), 305(ए), और 127(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
डकैती की झूठी कहानी और पुलिस का ‘हिकमतअमली’ एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने तत्काल थाना गांधीनगर और साइबर सेल की एक विशेष टीम गठित कर आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
पुलिस टीम ने जब घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, तो नौकर ईश्वर यादव के बयानों में कई विरोधाभास नजर आए। पुलिस ने जब नौकर ईश्वर यादव और प्रार्थी के ड्राइवर संदीप कुमार साहू को हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक और पेशेवर तरीके (हिकमतअमली) से कड़ी पूछताछ की, तो दोनों टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
ऐसे रची गई थी पूरी साजिश
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नौकर ईश्वर यादव और ड्राइवर संदीप कुमार साहू प्रार्थी के घर में साथ काम करते थे। ड्राइवर संदीप का परिचित अनुराग दास और एक अन्य नाबालिग लड़का भी अक्सर ईश्वर के कमरे पर आते-जाते थे। इसी दौरान चारों ने मिलकर घर में बड़ी चोरी की योजना बनाई और मालिक के परिवार सहित बाहर जाने के मौके का इंतजार करने लगे।
11 जुलाई को जैसे ही परिवार सतरंगा गया, योजना के मुताबिक ईश्वर यादव और संदीप कुमार साहू ने अपने साथी अनुराग दास और नाबालिग को घर पर बुला लिया। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद, मामले को दूसरा रूप देने और पुलिस को गुमराह करने के लिए नौकर ईश्वर यादव ने खुद के हाथ-पैर बांधे जाने और अज्ञात बदमाशों द्वारा लूट की झूठी कहानी गढ़ दी थी।
छुपाए गए थे पैसे, पुलिस ने बरामद की बाइक और नगदी
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सह-आरोपी अनुराग दास और नाबालिग को भी दबोच लिया। आरोपी संदीप कुमार साहू ने बताया कि चोरी की रकम को अनुराग दास और नाबालिग ने एक झोले में भरकर डाइट (DIET) कॉलेज के पीछे बाउंड्री वॉल के पास छुपा दिया था। पुलिस ने घेराबंदी कर बताए गए स्थान से पूरे 5 लाख रुपये नगद बरामद कर लिए। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई होण्डा साईन मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 15 EB 0739) भी जब्त कर ली गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल:
ईश्वर यादव (उम्र 32 वर्ष), आत्मज: उग्रसेन यादव, निवासी: कोना, थाना बगीचा, जिला जशपुर (हाल मुकाम: जवाहर मार्केट, गांधीनगर)।
संदीप कुमार साहू (उम्र 21 वर्ष), आत्मज: राज कुमार साहू, निवासी: महुआपारा, थाना सूरजपुर (हाल मुकाम: फूंदुरडिहारी, गांधीनगर)।
अनुराग दास (उम्र 19 वर्ष), आत्मज: तिलक दास, निवासी: कुंवरपुर, थाना लखनपुर।
विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग)।
पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए नाबालिग आरोपी को माननीय किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष और अन्य तीन बालिग आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है।
सराहनीय भूमिका: इस त्वरित और सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, उप निरीक्षक दिलीप दुबे, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, जयदीप सिंह, विकास सिन्हा तथा आरक्षक विकाश मिश्रा, मनीष सिंह, सुल्तान अहमद, विकास सिंह, राहुल सिंह, राहुल गुप्ता और रमन मण्डल की मुख्य भूमिका रही।

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