सूरजपुर : युवाओं को नशे के दलदल से दूर रखने, इसके घातक दुष्प्रभावों से बचाने और समाज को नशामुक्त करने के उद्देश्य से सूरजपुर पुलिस द्वारा एक विशेष मुहिम चलाई जा रही है। डीआईजी और एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देशन में चल रहे इस ‘अभियान नवजीवन’ के तहत पुलिस लगातार विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में सोमवार, 22 जून 2026 को भटगांव थाना पुलिस ने स्थानीय एडी जुबली स्कूल में एक विशेष जागरूकता अभियान और संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि पुलिस ने स्कूली छात्रों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें नशे की बुराइयों से अवगत कराया और इस सामाजिक बुराई के खिलाफ लड़ाई में उनका सहयोग मांगा। कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ों विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे और अपने आसपास के समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाने में अपना योगदान देंगे।
नशा व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से करता है कमजोर: थाना प्रभारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भटगांव थाना प्रभारी बृजेश सिन्हा ने बेहद सरल और व्यावहारिक भाषा में छात्रों को समझाया कि नशा किस तरह एक हंसते-खेलते जीवन को बर्बाद कर देता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थ सीधे व्यक्ति के दिमाग और शरीर पर बुरा प्रभाव डालते हैं। इसकी लत लगने के बाद व्यक्ति न सिर्फ शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर होता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी पूरी तरह टूट जाता है।
थाना प्रभारी ने छात्रों को सचेत करते हुए कहा कि नशे की गिरफ्त में आने से युवाओं की पढ़ाई, उनका भविष्य, करियर, पारिवारिक रिश्ते और सामाजिक जीवन पूरी तरह नकारात्मक रूप से प्रभावित होते हैं। इसलिए युवाओं को शुरुआती दौर में ही इससे दूरी बनाकर रखनी चाहिए और अपना ध्यान शिक्षा, खेल और रचनात्मक कार्यों में लगाना चाहिए।
सजग प्रहरी बनें: मानस पोर्टल और 1933 पर दें सूचना, पहचान रहेगी गुप्त
बृजेश सिन्हा ने बच्चों और स्कूल स्टाफ से अपील की कि वे समाज के सजग प्रहरी बनें। उन्होंने बताया कि यदि किसी को भी अपने आसपास नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री, तस्करी या इससे जुड़ी किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें। इसके लिए सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा प्रभावी माध्यम बनाए गए हैं:
टोल-फ्री नंबर: 1933 (मानस पोर्टल)
अन्य विकल्प: सीधे पुलिस कंट्रोल रूम या संबंधित थाना प्रभारी को कॉल कर सकते हैं।
सुरक्षा चक्र: सूचना देने वाले या शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है, जिससे कोई भी नागरिक बिना किसी डर या संकोच के पुलिस की मदद कर सकता है।
कला और लेखन के माध्यम से बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, विजेता हुए सम्मानित
इस विशेष अवसर पर स्कूली बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए नशे से दूरी और सामाजिक जागरूकता पर आधारित आकर्षक व ज्ञानवर्धक रंगोली, पोस्टर और निबंध प्रदर्शित किए। बच्चों द्वारा बनाए गए पोस्टरों और रंगोलियों में नशे के दुष्परिणामों को बेहद मार्मिक ढंग से उकेरा गया था।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को थाना प्रभारी द्वारा मोमेंटो (स्मृति चिन्ह) प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। विजेताओं की सूची इस प्रकार है:
प्रतियोगिताप्रथम स्थानद्वितीय स्थानतृतीय स्थान
पोस्टर मेकिंगदुर्गा राजवाड़ेअंशमाही सिंह
रंगोली प्रदर्शनऋतु राजवाड़ेनंदिनी तिवारीश्रेया मिश्रा
निबंध लेखनअंश——
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
एडी जुबली स्कूल में आयोजित इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पुलिस विभाग के अधिकारी, स्कूल का स्टाफ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
मंच पर और कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष परमेश्वरी राजवाड़े, पार्षद लक्ष्मी महतो, पीएसआई कृष्ण भास्कर, अनिमेश दास, एएसआई विवेकानंद सिंह, राजकिशोर खलखो, स्कूल के प्राचार्य लियोस सदोम सहित सभी शिक्षकगण, पुलिस कर्मचारी और स्कूली बच्चे मुख्य रूप से उपस्थित थे। सभी ने सूरजपुर पुलिस के इस ‘अभियान नवजीवन’ की सराहना की और इसे समाज को एक नई दिशा देने वाला कदम बताया।