कुसमी में सुघर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न, बेसलाइन सर्वे की बारीकियों पर दी गई जानकारी

Deshkibaat24
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बलरामपुर कुसमी: शासन की महत्वाकांक्षी योजना “सुघर छत्तीसगढ़ अभियान” के प्रभावी, सुचारु और सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद पंचायत कुसमी के सभा कक्ष में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण कार्यशाला कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित की गई, जिसमें विकासखंड स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अभियान से जुड़े अमले को बेसलाइन सर्वे की जटिल प्रक्रियाओं, शासकीय योजनाओं के जमीनी आकलन और पारदर्शी तरीके से डिजिटल डाटा संकलन करने के संबंध में विस्तृत और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था।
गुणवत्तापूर्ण और त्रुटिरहित सर्वे ही योजनाओं का मजबूत आधार: विशेषज्ञ
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विषय-विशेषज्ञों ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि एक गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और पूरी तरह से त्रुटिरहित बेसलाइन सर्वे ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक तथा पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने का सबसे मजबूत जरिया है। विशेषज्ञों ने रेखांकित किया कि यदि शुरुआती स्तर पर सर्वे का कार्य सही और वैज्ञानिक तरीके से किया जाता है, तो इससे क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं का सटीक आकलन संभव हो पाता है। इसके परिणामस्वरूप योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के सही लोगों तक समय पर पहुंचाया जा सकता है।
तकनीकी बारीकियों और डिजिटल डेटा संकलन पर जोर
इस एक दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सर्वेक्षण के दौरान अपनाई जाने वाली मानक प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया। इसके अंतर्गत:
दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन: सर्वे के दौरान हितग्राहियों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेजों की प्रामाणिकता जांचने के तरीके बताए गए।
पात्र हितग्राहियों की पहचान: समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए सही और जरूरतमंद व्यक्ति की पहचान करने के मापदंड समझाए गए।
डिजिटल डाटा संकलन: आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए मोबाइल या टैबलेट के माध्यम से डेटा को बिना किसी त्रुटि के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने की तकनीकी बारीकियां सिखाई गईं।
कार्यशाला में सख्त निर्देश दिए गए कि संपूर्ण सर्वे कार्य पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और उच्च जिम्मेदारी के साथ किया जाए। फील्ड में काम कर रहे कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थिति में किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची से न छूटे और साथ ही किसी भी अपात्र व्यक्ति का समावेश इसमें न हो पाए।
संसाधनों का होगा प्रभावी उपयोग
कार्यशाला में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस बेसलाइन सर्वे के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की वर्तमान जमीनी स्थिति और क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकताओं का एक वास्तविक डेटाबेस तैयार होगा। इस प्रामाणिक डेटा के आधार पर शासन आने वाले समय में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी व आनुपातिक उपयोग तथा जरूरतमंद लोगों तक समयबद्ध तरीके से सीधे लाभ पहुंचाने की दिशा में ठोस रणनीति बनाकर कार्य करेगा।
समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश
सत्र के समापन पर अधिकारियों ने दोहराया कि “सुघर छत्तीसगढ़ अभियान” का मूल उद्देश्य शासन की व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और पूर्णतः जनकेंद्रित बनाना है। इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने में मैदानी स्तर पर काम करने वाले प्रत्येक सर्वेक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। सभी उपस्थित कर्मचारियों और प्रभारियों को सख्त हिदायत दी गई कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता और शुद्धता के साथ सर्वे का कार्य पूर्ण करें, ताकि इस वृहद अभियान के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके।

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