अंबिकापुर : सरगुजा जिले से एक बेहद गंभीर और आंखें खोल देने वाला मामला सामने आया है। जिला पुलिस ने किरायेदारों की जानकारी छिपाने और उनका पुलिस वेरिफिकेशन न कराने वाले मकान मालिकों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में थाना गांधीनगर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में एक मकान मालिक को पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार किया है। इस मकान मालिक के मकान में रह रहे किरायेदारों ने शहर में एक बड़ी डकैती की वारदात को अंजाम दिया था, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित जांच करते हुए मकान मालिक को कानूनी तौर पर कसूरवार पाया और सलाखों के पीछे भेज दिया।
सरगुजा पुलिस के आला अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत जिले में मुसाफिरों, किरायेदारों और संदिग्धों की पहचान के लिए एक विशेष सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की रोजाना उच्च स्तर पर मॉनिटरिंग भी की जा रही है ताकि जिले की कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे।
वारदात के बाद खुली पोल, मकान मालिक पहुंचा जेल
पुलिस से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, थाना गांधीनगर क्षेत्र के अंतर्गत सरगंवा गैस गोदाम के पास रहने वाले राहुल विश्वकर्मा (पिता: विजय विश्वकर्मा, उम्र 27 वर्ष, निवासी: भड्डी रोड, बचपन प्ले स्कूल के पास, वार्ड क्रमांक 28, थाना कोतवाली, अम्बिकापुर) ने जिला दंडाधिकारी के आदेशों का सरेआम उल्लंघन किया था। राहुल विश्वकर्मा ने अपने सरगंवा स्थित मकान में कुछ बाहरी व्यक्तियों को किराये पर रखा हुआ था, लेकिन उनके संबंध में निर्धारित नियमों के तहत गांधीनगर थाने में कोई लिखित सूचना या सत्यापन फॉर्म जमा नहीं कराया था।
इस लापरवाही का फायदा उठाकर इन अज्ञात किरायेदारों ने 13 मई 2026 की देर रात करीब 12:40 बजे ग्राम घंघरी गेरवानी नाला के पास आर्म्स एक्ट और डकैती जैसी एक संगीन वारदात को अंजाम दे डाला। घटना के बाद थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 274/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 310(10) और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान जब पुलिस ने इन अपराधियों के बैकग्राउंड की पड़ताल की, तो मकान मालिक राहुल विश्वकर्मा की घोर लापरवाही उजागर हुई। राहुल के पास इन खतरनाक अपराधियों का न तो कोई सही पता था, न फोटो और न ही कोई प्रमाणित मोबाइल नंबर। जिला दंडाधिकारी द्वारा पूर्व में जारी वैध आदेश की अवहेलना करने के कारण पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए अभियुक्त राहुल विश्वकर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 (लोक सेवक द्वारा विधिवत प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा) के तहत अपराध क्रमांक 455/2026 पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बनते जा रहे बिना वेरिफिकेशन के मकान
एसएसपी राजेश अग्रवाल ने आम नागरिकों को जागरूक करते हुए बताया कि अक्सर यह देखा गया है कि विभिन्न राज्यों या अन्य शहरों में गंभीर अपराधों को अंजाम देने के बाद शातिर अपराधी अपनी पहचान छिपाने के लिए नए शहरों में किराये का मकान ढूंढते हैं। कई बार अपराधी किसी बड़े शहर में केवल रेकी करने के उद्देश्य से मकान किराये पर लेते हैं और मौका मिलते ही संगीन वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं।
ऐसी स्थिति में जब पुलिस अनुसंधान करती है, तो मकान मालिकों के पास कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं मिलते, जिससे अपराधी पुलिस की गिरफ्त से दूर भागने में सफल हो जाते हैं। पुलिस ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि बिना सूचना मकान किराये पर देना एक दंडनीय अपराध है और यदि उस मकान में कोई अवैध गतिविधि पाई जाती है, तो कानूनन मकान मालिक भी बराबर का भागीदार माना जाएगा।
किरायेदार वेरिफिकेशन क्यों है आवश्यक?
क्रिमिनल बैकग्राउंड चेक: वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के दौरान पुलिस टीम द्वारा किरायेदार का डिजिटल क्रिमिनल बैकग्राउंड खंगाला जाता है।
भौतिक सत्यापन: स्थानीय स्तर पर पुलिस किरायेदारों के दावों की भौतिक पुष्टि करती है, जिससे असामाजिक तत्वों के छिपने की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
त्वरित कानूनी सहायता: किसी भी प्रकार के विवाद, आपातकालीन स्थिति या दुर्घटना के समय पुलिस के पास पहले से मौजूद रिकॉर्ड बेहद मददगार साबित होता है।
वेरिफिकेशन की प्रक्रिया हुई बेहद आसान, घर बैठे करें डिजिटल सत्यापन
आम जनता की सुविधा और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस ने किरायेदार सत्यापन (Tenant Verification) की प्रक्रिया को बेहद सरल और डिजिटल बना दिया है। इसके लिए पुलिस ने नई पहल करते हुए ‘समाधान’ (Samadhaan) मोबाइल ऐप और सीसीटीएनएस (CCTNS) नागरिक सेवा पोर्टल की शुरुआत की है, जहां कोई भी मकान मालिक महज कुछ ही मिनटों में घर बैठे ऑनलाइन सत्यापन कर सकता है।
डिजिटल वेरिफिकेशन की चरणबद्ध प्रक्रिया:
आवश्यक दस्तावेज: मकान मालिक के लिए पते का प्रमाण (वोटर आईडी/ड्राइविंग लाइसेंस) और स्वामित्व के कागजात जरूरी हैं। वहीं किरायेदार के लिए पहचान पत्र (पैन कार्ड/वोटर आईडी), स्थायी पता, पासपोर्ट साइज फोटो, रोजगार का विवरण और रेंट एग्रीमेंट आवश्यक है।
स्टेप 1 (डाउनलोड व पंजीकरण): सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में ‘Samadhaan’ ऐप डाउनलोड करें या आधिकारिक पोर्टल (citizen.cgpolice.gov.in) पर जाकर मोबाइल ओटीपी के माध्यम से अपना अकाउंट बनाएं।
स्टेप 2 (सेवा का चयन): पोर्टल या ऐप में लॉगिन करने के बाद ‘Citizen Services’ (नागरिक सेवाएं) विकल्प में जाएं और वहां ‘Tenant Verification’ (किरायेदार सत्यापन) का चयन करें।
स्टेप 3 (विवरण प्रविष्टि): फॉर्म में मकान मालिक, किरायेदार और उनके साथ ही 2 स्थानीय गवाहों की संपूर्ण और सही जानकारी दर्ज करें।
स्टेप 4 (दस्तावेज अपलोड): मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज और फोटो स्पष्ट रूप से अपलोड करें। इसके बाद फॉर्म को सबमिट कर दें और भविष्य के संदर्भ के लिए डिजिटल पावती (Receipt) को सुरक्षित डाउनलोड कर लें।
ऑफलाइन सत्यापन की सुविधा भी थानों में उपलब्ध
जो नागरिक डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने में सहज नहीं हैं, उनके लिए पुलिस ने पारंपरिक ऑफलाइन व्यवस्था को भी चालू रखा है। इसके तहत मकान मालिक सीधे अपने संबंधित थाने में जाकर ‘किरायेदार सत्यापन फॉर्म’ प्राप्त कर सकते हैं। इस फॉर्म को भरकर इसके साथ किरायेदार और मकान मालिक का पहचान पत्र, रेंट एग्रीमेंट और पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न कर थाने में जमा करना होता है। पुलिस ने इसे भी एक तत्काल और बेहद सुगम प्रक्रिया बताया है।
🚨 सरगुजा पुलिस की आम जनता से विशेष अपील:
अपने आसपास अवैध या संदिग्ध रूप से रह रहे किसी भी व्यक्ति या मुसाफिर की जानकारी मिलने पर तुरंत सरगुजा पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 9479193599 अथवा डायल 112 पर सूचना दें। सूचना देने वाले प्रत्येक नागरिक की पहचान पुलिस प्रशासन द्वारा पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। सजग रहें, सुरक्षित रहें।