
अंबिकापुर : आज के डिजिटल दौर में मोबाइल और इंटरनेट जितनी बड़ी सुविधा बनकर उभरे हैं, उतनी ही तेजी से साइबर अपराधियों का जाल भी फैलता जा रहा है। इसी गंभीर चुनौती से आम नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए सरगुजा पुलिस ने एक विशेष और बेहद अनूठी पहल की है। डीआईजी/एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल (पुलिस अधीक्षक सरगुजा) के दिशा-निर्देशों और कुशल मार्गदर्शन में जिला साइबर सेल, सरगुजा पुलिस मितान और पुलिस साइबर वॉलंटियर्स की टीम ने मिलकर अंबिकापुर के प्रसिद्ध कला केंद्र मैदान में एक वृहद ‘साइबर जन जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया।
कला केंद्र मैदान में आयोजित मेले के माहौल का लाभ उठाते हुए पुलिस ने जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए पारंपरिक माध्यमों और आधुनिक तकनीक के समन्वय से लोगों को जागरूक किया। इस दौरान नुक्कड़ नाटक, सीधे जनसंवाद (वन-टू-वन टॉक) और प्रत्यक्ष जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से मेले में आए हजारों नागरिकों को साइबर ठगी से बचने के अचूक तरीके सिखाए गए।
🎭 नुक्कड़ नाटक बना आकर्षण का केंद्र; इन गंभीर मुद्दों पर हुआ प्रहार
कार्यक्रम की शुरुआत में साइबर सेल और वॉलंटियर्स की टीम ने कला केंद्र मैदान के बीचों-बीच एक बेहद प्रभावी नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। नाटक को देखने के लिए मेले में आए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कलाकारों ने रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाली लापरवाहियों और साइबर अपराधियों के शातिर तौर-तरीकों को बेहद सरल, मजेदार और प्रभावशाली ढंग से मंच पर उतारा।
नाटक के जरिए मुख्य रूप से निम्नलिखित गंभीर विषयों पर प्रकाश डाला गया और लोगों को आगाह किया गया:
फर्जी बैंक कॉल और लॉटरी का झांसा: कैसे अपराधी खुद को बैंक अधिकारी या मैनेजर बताकर लोगों को डराते हैं और उनके खाते की गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते हैं।
ओटीपी (OTP) और यूपीआई (UPI) धोखाधड़ी: कैशबैक या इनाम जीतने के बहाने भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक्स और यूपीआई पिन (UPI Pin) शेयर करने से होने वाले आर्थिक नुकसान का लाइव चित्रण।
इन्वेस्टमेंट और सोशल मीडिया फ्रॉड: कम समय में पैसे दोगुने करने वाली फर्जी स्कीम, पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर टास्क देकर होने वाली ठगी और सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर की जाने वाली धोखाधड़ी।
साइबर बुलिंग और डिजिटल सुरक्षा: युवाओं और महिलाओं को निशाना बनाने वाली साइबर बुलिंग, ब्लैकमेलिंग और इससे बचने के कानूनी उपायों की जानकारी।
नाटक का मूल संदेश: “मुफ्त के लालच और अनजान व्यक्ति के दबाव में न आएं। आपकी थोड़ी सी सतर्कता और समझदारी ही साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा तोड़ है।”
📞 जनसंवाद: पुलिस ने बताया ठगी होने पर क्या करें और कैसे बचें?
नुक्कड़ नाटक के समापन के बाद साइबर सेल, साइबर वॉलंटियर्स और पुलिस मितान की टीमों ने समूहों में बंटकर मेले में मौजूद आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, युवाओं और छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। पुलिस टीम ने लोगों को समझाया कि डिजिटल दुनिया में अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे—पासवर्ड, एटीएम पिन, जन्मतिथि या पैन/आधार नंबर कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
इसके साथ ही, पुलिस ने नागरिकों को सबसे महत्वपूर्ण हथियार राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में विस्तार से बताया। लोगों को जागरूक किया गया कि यदि वे किसी भी प्रकार की वित्तीय या साइबर धोखाधड़ी के शिकार होते हैं, तो बिल्कुल घबराएं नहीं। घटना के शुरुआती ‘गोल्डन ऑवर’ (पहले कुछ घंटों) के भीतर तत्काल 1930 नंबर पर कॉल करें या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल पर जाकर अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ठगी गई राशि को समय रहते ब्लॉक कराया जा सके।
🤝 टीम भावना: इन सदस्यों ने निभाई अग्रणी भूमिका
इस व्यापक जन जागरूकता अभियान को सफल बनाने में सरगुजा पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। कार्यक्रम में अपनी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रमुख सदस्यों में शामिल रहे:
साइबर सेल से: अमन पूरी
महिला थाना स्टाफ एवं पुलिस मितान टीम से: विभाश्री सिंह, खुशी कन्नौजिया, आर्यन पाण्डेय, विकेश राजवाड़े, लक्ष्मी पैकरा, रश्मि शर्मा, अनुशा राजवाड़े, मानसी रजवाड़े सहित अन्य ऊर्जावान स्वयंसेवक।
इन सभी सदस्यों ने न केवल नाटक में अभिनय किया, बल्कि पंपलेट बांटकर और लोगों के मोबाइल में सुरक्षा सेटिंग्स को समझाकर व्यक्तिगत स्तर पर भी मदद की।
🔮 भविष्य की योजना: स्कूलों और गांवों तक पहुंचेगा यह अभियान
सरगुजा पुलिस मितान टीम के समन्वयकों ने कार्यक्रम के अंत में मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम में ‘जनजागरूकता’ ही सबसे सशक्त और प्रभावी माध्यम है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कला केंद्र मैदान का यह कार्यक्रम सिर्फ एक शुरुआत है।
आने वाले समय में सरगुजा पुलिस द्वारा इस अभियान को और अधिक विस्तृत रूप दिया जाएगा। इसके तहत जिले के सभी प्रमुख विद्यालयों, महाविद्यालयों (कॉलेजों), हाट-बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक कार्यक्रमों में निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक साइबर सुरक्षा की यह जरूरी जानकारी पहुंचाई जा सके।
सरगुजा पुलिस की आम जनता से अपील: किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अज्ञात कॉलर्स पर भरोसा न करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या धोखाधड़ी की सूचना तत्काल अपने नजदीकी पुलिस थाने या साइबर सेल को दें।

