
सूरजपुर जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वाले माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर रेना जमील के सख्त और स्पष्ट निर्देश के बाद खनिज विभाग और जिला स्तरीय टास्कफोर्स ने मिलकर एक बड़ा अभियान छेड़ा है। इस सघन जांच अभियान के तहत बीते एक सप्ताह के भीतर अवैध रूप से खनिजों का परिवहन करते हुए कुल 08 वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा गया है। सभी आरोपी वाहन मालिकों के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
दो अलग-अलग चरणों में हुई छापेमारी
खनिज विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिला स्तरीय टास्कफोर्स और खनिज अमले ने अवैध परिवहन से प्रभावित इलाकों को चिह्नित कर दो चरणों में इस कार्रवाई को अंजाम दिया:
पहला चरण (20 जून 2026): खनिज अमले ने प्रतापपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले खडगवाँ थाना क्षेत्र में मुख्य मार्ग पर चेकिंग पॉइंट लगाया था। इस दौरान खनिज रेत से ओवरलोड एक टीपर को रोका गया, जिसके पास वैध दस्तावेज नहीं थे। इसी दिन बिश्रामपुर क्षेत्र में भी दबिश देकर अवैध परिवहन में लगे 02 अन्य वाहनों को जब्त किया गया।
दूसरा चरण (22 जून 2026): टीम ने एक बार फिर खडगवाँ क्षेत्र में चौकसी बढ़ाते हुए 01 वाहन को पकड़ा। इसके तुरंत बाद ग्राम रूनियाडीह और उसके आसपास के इलाकों में घेराबंदी की गई, जहाँ बिना वैध अभिवहन पास (रॉयल्टी पर्ची) के खनिज ले जा रहे 04 ट्रैक्टरों को रोककर जब्त कर लिया गया।
थानों में सुरक्षित खड़े कराए गए वाहन, मालिकों पर केस दर्ज
जांच टीम ने पकड़े गए सभी 08 वाहनों पर नियमानुसार अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज कर लिया है। सुरक्षा के मद्देनजर और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक इन वाहनों को अलग-अलग थानों की सुपुर्दगी में रखा गया है, जिसका विवरण इस प्रकार है:
पुलिस थानाजब्त वाहनों की संख्या
सूरजपुर थाना04 वाहन
बिश्रामपुर थाना03 वाहन
खडगवाँ थाना01 वाहन
आगे और भी कड़े एक्शन की तैयारी
खनिज विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जिला स्तरीय टास्कफोर्स अब शांत बैठने वाली नहीं है। संवेदनशील और अवैध उत्खनन वाले क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी राजस्व को चूना लगाने वाले और नियमों को ताक पर रखकर अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में यह अभियान और भी ज्यादा आक्रामक रूप में जारी रहेगा।