सूरजपुर : जिले में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के सख्त निर्देश पर जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों की सघन चेकिंग (Density Checking) का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को बनाए रखना और संभावित अपराधों पर अंकुश लगाना है।
जन-जागरूकता के लिए पुलिस उतरी सड़कों पर
अवैध प्रवासी चेकिंग अभियान के तहत सूरजपुर पुलिस की टीमें जमीन पर उतरकर सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। पुलिस बल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में नागरिकों के बीच जाकर जन-जागरूकता से जुड़े फ्लेक्स और पम्पलेट बांटे जा रहे हैं। इन प्रचार सामग्रियों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है कि वे अपने आस-पड़ोस के प्रति सतर्क रहें और समाज को सुरक्षित बनाने में पुलिस का सहयोग करें।
जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान, पहचान रहेगी गुप्त
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाएं। यदि किसी भी नागरिक को अपने आसपास या मोहल्ले में किसी संदिग्ध व्यक्ति अथवा अवैध रूप से निवास कर रहे विदेशी/बाहरी प्रवासी की जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा यह स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया गया है कि:
गोपनीयता की गारंटी: सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम, पता या पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा या भय न हो।
समय पर कार्रवाई: समय रहते पुलिस को मिलने वाली सटीक सूचनाओं से अपराधियों के हौसले पस्त करने और बड़ी वारदातों को रोकने में मदद मिलेगी।
अफवाहों से बचने और टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करने की सलाह
सूरजपुर पुलिस ने नागरिकों से यह भी विशेष आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी प्रकार की अफवाहों पर बिल्कुल विश्वास न करें। पुलिस को केवल वही जानकारी दें जो पूरी तरह से सत्यापित और सही हो, ताकि जांच में कोई बाधा न आए।
इन माध्यमों पर दें सूचना:
अवैध प्रवासियों या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी साझा करने के लिए नागरिक इन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:
टोल-फ्री नंबर: पुलिस विभाग द्वारा जारी विशेष टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 पर कॉल करके।
नजदीकी पुलिस स्टेशन: सीधे अपने क्षेत्र के नजदीकी थाना या पुलिस चौकी में जाकर अधिकारियों को सूचित कर सकते हैं।
पुलिस का संदेश: एक सुरक्षित, संगठित और जागरूक समाज का निर्माण तभी संभव है जब पुलिस और जनता मिलकर काम करेंगे। नागरिकों की एक छोटी सी सूचना जिले की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक अभेद्य बनाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।