October 12, 2026
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बलरामपुर :  जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिले के किसानों को सही दाम पर खाद, बीज और कीटनाशक की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा अवैध बिक्री को रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक व्यापक और सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
यह पूरी कार्रवाई कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के कड़े दिशा-निर्देशों के बाद अमल में लाई गई है। कृषि विभाग की विशेष टीमों का गठन कर जिले के विभिन्न विकासखंडों में खाद-बीज और कीटनाशक बेचने वाले प्रतिष्ठानों की औचक जांच की जा रही है।
बिना वैध लाइसेंस के बिक रहा था बीज, विभाग ने मारा छापा
निरीक्षण अभियान के दौरान कृषि विभाग की टीम विकासखंड वाड्रफनगर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पशुपतिपुर पहुंची। यहाँ जांच के दौरान एक दुकान संचालक बिना किसी वैध अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के खुलेआम कृषि बीजों की बिक्री करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
जांच अधिकारियों द्वारा जब संचालक से दुकान और बीज बिक्री से जुड़े कानूनी दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी वैध प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। अनियमितता और अवैध व्यापार की पुष्टि होते ही कृषि विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर मौजूद समस्त बीज स्टॉक को जब्त कर लिया। दुकान संचालक के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दो प्रतिष्ठित कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस
पशुपतिपुर में हुई इस कार्रवाई के अलावा, कृषि विभाग की टीम ने क्षेत्र की अन्य बड़ी दुकानों का भी सघन मुआयना किया। इस दौरान दो प्रमुख कृषि केंद्रों पर नियमों के गंभीर उल्लंघन और स्टॉक व मूल्य सूची में भारी अनियमितताएं पाई गईं। इन प्रतिष्ठानों के नाम निम्नलिखित हैं:
सरस्वती कृषि सेवा केंद्र
जायसवाल कृषि विस्तार केंद्र
निर्धारित सरकारी प्रावधानों की अवहेलना करने के आरोप में विभाग ने इन दोनों ही प्रतिष्ठानों को ‘कारण बताओ नोटिस’ (शो-कॉज नोटिस) जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर इन दुकानों के लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।
जांच के दौरान इन बिंदुओं पर टिकी है नजर
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले भर के विक्रेताओं के यहाँ निम्नलिखित व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की जा रही है:
दुकान और भंडारण (गोदाम) का वैध लाइसेंस।
स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक स्टॉक का मिलान।
विक्रय अभिलेख (बिक्री का रिकॉर्ड) और पक्के बिल की उपलब्धता।
दुकान में निर्धारित मूल्य सूची का प्रदर्शन।
प्रशासन की चेतावनी:
कृषि विभाग ने साफ किया है कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद-बीज बेचने वाले, बिना लाइसेंस के अवैध व्यापार करने वाले या किसी भी प्रकार की कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का यह सिलसिला आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन
जिला प्रशासन ने क्षेत्र के सभी किसानों से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा या धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल अधिकृत और प्रमाणित विक्रेताओं से ही खाद, बीज एवं कीटनाशक की खरीदी करें। इसके साथ ही, किसानों को सामग्री खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल (कैश मेमो) अनिवार्य रूप से प्राप्त करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने कहा है कि यदि कोई भी विक्रेता अधिक दाम वसूलता है या घटिया सामग्री देता है, तो उसकी शिकायत तुरंत कृषि विभाग या जिला प्रशासन को दें, ताकि दोषियों पर तत्काल सख्त एक्शन लिया जा सके।

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