सूरजपुर में आगामी नेशनल लोक अदालत की तैयारियों को लेकर प्रचार वाहन रवाना

Deshkibaat24
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सूरजपुर: जिले में आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली तीसरी नेशनल लोक अदालत के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार की गतिविधियाँ तेज़ कर दी गई हैं। इसी क्रम में जिला न्यायालय परिसर सूरजपुर से एक विशेष प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
यह प्रचार वाहन जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर आम जनता को लोक अदालत के माध्यम से मिलने वाली विधिक सुविधाओं, सेवाओं और लाभों की जानकारी प्रदान करेगा।
प्रधान जिला न्यायाधीश ने दिखाई हरी झंडी
प्रचार वाहन को जिला न्यायालय परिसर से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) सूरजपुर के अध्यक्ष थॉमस एक्का ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुलभ, त्वरित और सस्ता न्याय उपलब्ध कराना है। प्रचार वाहन के माध्यम से लोगों को लोक अदालत की पूरी कार्यप्रणाली, इससे होने वाले फायदों और सुलह-समझौते के आधार पर मुकदमों के समाधान के विकल्पों के बारे में विस्तार से समझाया जाएगा।
वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता रहे मौजूद
प्रचार वाहन की रवानगी के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर में कई प्रमुख न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से:
आनंद प्रकाश वारियाल (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट)
पायल टोपनो (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण)
जी.एस. मिश्रा (पूर्व अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ)
इनके अलावा अन्य अधिवक्तागण और न्यायालयीन कर्मचारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
लोक अदालत के मुख्य लाभ और प्रक्रिया
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार, नेशनल लोक अदालत के माध्यम से विवादों का समाधान आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर किया जाता है। इसके तहत दो प्रकार के मामलों का निपटारा होता है:

 

श्रेणी

विवरण

न्यायालय में लंबित प्रकरण

ऐसे मामले जो पहले से अदालत में विचारधीन हैं और जिनमें दोनों पक्ष समझौते के लिए तैयार हैं।

प्री-लिटिगेशन प्रकरण

ऐसे विवाद जो अभी तक अदालत तक नहीं पहुंचे हैं, उन्हें कोर्ट जाने से पहले ही आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है।

प्रमुख लाभ:
समय और धन की बचत: लंबी न्यायिक प्रक्रिया और वकीलों के चक्कर से मुक्ति मिलती है।
सौहार्दपूर्ण समाधान: दोनों पक्षों की आपसी सहमति से फैसला होने के कारण आपसी मनमुटाव खत्म होता है।
अंतिम निर्णय: लोक अदालत के फैसले के खिलाफ आगे अपील नहीं होती, जिससे विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली इस तीसरी नेशनल लोक अदालत में बढ़-चढ़कर भाग लें। अपने लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में समाधान कराकर इस सुलभ और त्वरित न्याय व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

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