बलरामपुर में शिक्षकों का महाआंदोलन: 17 अगस्त 2012 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता खत्म करने समेत 5-सूत्रीय मांगों पर गरजे शिक्षक

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विशेष संवादाता रिजवान खान

बलरामपुर : छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर मंगलवार को जिला मुख्यालय बलरामपुर में शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों और ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक विशाल आंदोलन तथा ज्ञापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बलरामपुर जिले के सभी विकासखंडों से हजारों की संख्या में पहुंचे शिक्षकों ने रैली निकालकर अपनी अभूतपूर्व एकजुटता का प्रदर्शन किया और शासन के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई।
कार्यक्रम का सफल संचालन संतोष कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। सभा को संबोधित करते हुए जिला संयोजक पवन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षक अपने जायज अधिकारों और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए पूरी एकजुटता के साथ मैदान में उतर चुके हैं। यदि शासन ने समय रहते इन न्यायसंगत मांगों का स्थाई निराकरण नहीं किया, तो आने वाले समय में इस आंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक रूप दिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा 5-सूत्रीय मांग पत्र
शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री, सचिव (स्कूल शिक्षा विभाग) तथा संचालक (लोक शिक्षण संचालनालय) के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में शिक्षकों की निम्नलिखित 5 प्रमुख मांगों को प्रमुखता से रखा गया:
TET की अनिवार्यता से छूट एवं पदोन्नति: 17 अगस्त 2012 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी (TET) की अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त कर वरिष्ठता के आधार पर शीघ्र पदोन्नति प्रदान की जाए। साथ ही 17 अगस्त 2012 के बाद सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
पूर्व सेवा अवधि की गणना एवं पूर्ण पेंशन: शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि की पूर्ण गणना करते हुए उन्हें पुरानी पेंशन योजना का पूरा लाभ दिया जाए।
वेतन विसंगति का निराकरण: वेतन विसंगतियों को दूर करते हुए केंद्रीय वेतनमान के आधार पर शिक्षकों का वेतन निर्धारण किया जाए।
विवादास्पद भर्ती नियमों को निरस्त करना: 13 फरवरी 2026 को जारी विसंगतियुक्त नए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
विभागीय ब्रिज कोर्स का संचालन: प्रशिक्षित सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याता संवर्ग के लिए बीएड (B.Ed.) हेतु विभागीय ब्रिज कोर्स का तत्काल संचालन प्रारंभ किया जाए।
सभा को संबोधित करते हुए जिला संयोजक उपेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षकों की वर्षों पुरानी सेवा अवधि की गणना, वेतन विसंगति और पदोन्नति की राह में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने शासन से शिक्षकों के हित में अविलंब न्यायसंगत निर्णय लेने का आग्रह किया।
आंदोलन में जिले भर से उमड़ा शिक्षकों का हुजूम
इस विशाल प्रदर्शन में प्रदेश सह सचिव हृषिकेश उपाध्याय, मणि यादव, जिला उपाध्यक्ष करण राम, जिला महामंत्री विशंभर दास, जिला कोषाध्यक्ष विनय गुप्ता, जिला पदाधिकारी चंद्रशेखर, सीता राव भास्कर, सुफला टोप्पो, संजय गुप्ता, सत्यप्रकाश सिंह, जिला मीडिया प्रभारी अमित सोनी तथा मंगल राम सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी शामिल हुए।
इसके अलावा विकासखंड अध्यक्षों और ब्लॉक संचालकों में युद्धन जायसवाल, अंचल यादव, श्याम गुप्ता, विनोद यादव, सत्यप्रकाश यादव, दीपक सिन्हा और विनोद कुमार यादव की अगुवाई में बलरामपुर और आसपास के सभी ब्लॉकों से आए हजारों शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार द्वारा इन मांगों पर जल्द कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो यह आंदोलन केवल जिला स्तर तक सीमित न रहकर प्रदेश स्तर पर और अधिक भयावह रूप धारण करेगा।

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