सिविल सेवा आचरण नियम के उल्लंघन पर सहायक ग्रेड-3 निलंबित, सहकर्मियों से दुर्व्यवहार और वेतन देयक में गड़बड़ी का आरोप

Deshkibaat24
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सूरजपुर : जिले में शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और कार्य के प्रति उदासीनता बरतने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिलफिली में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 देवी प्रसाद राजवाड़े को सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
आकस्मिक निरीक्षण में खुली पोल
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 17 सितंबर 2026 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिलफिली का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सहायक ग्रेड-3 देवी प्रसाद राजवाड़े बिना किसी पूर्व सूचना के अनाधिकृत रूप से अपने कर्तव्य से अनुपस्थित पाए गए।
विद्यालय परिसर में उपस्थित शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों से पूछताछ करने पर गंभीर शिकायतें सामने आईं। कर्मचारियों ने बताया कि देवी प्रसाद राजवाड़े विगत कई दिनों से नियमित रूप से विद्यालय नहीं आ रहे हैं। इतना ही नहीं, जब भी वे विद्यालय आते हैं, तो नशे की हालत में रहते हैं और सहकर्मियों के साथ अमर्यादित एवं अनुचित व्यवहार करते हैं।
वेतन देयक तैयार करने में गंभीर वित्तीय अनियमितता
निरीक्षण के दौरान वेतन भुगतान से जुड़ी बड़ी गड़बड़ी भी उजागर हुई। आरोप है कि देवी प्रसाद राजवाड़े द्वारा विद्यालय के कर्मचारियों के वेतन देयक (सैलरी बिल) खंड-खंड में मनमाने ढंग से तैयार किए जा रहे थे।
उन्होंने सबसे पहले प्राचार्य और स्वयं का वेतन आहरण कर लिया। इसके बाद दूसरे चरण में संस्था के 14 कर्मचारियों का वेतन आहरित किया गया, जबकि 11 कर्मचारियों का वेतन देयक (बिल) तैयार ही नहीं किया गया। इस लापरवाही के कारण संबंधित 11 कर्मचारियों को माह अगस्त 2026 का वेतन आज तक प्राप्त नहीं हो सका है, जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष था।
तत्काल प्रभाव से निलंबन और नया मुख्यालय
जिला शिक्षा अधिकारी ने देवी प्रसाद राजवाड़े के इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के सर्वथा विपरीत और गंभीर लापरवाही माना।
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत देवी प्रसाद राजवाड़े, सहायक ग्रेड-3, शासकीय उ.मा.वि. सिलफिली (विकासखंड व जिला सूरजपुर) को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक बिहारपुर, विकासखंड ओढ़गी, जिला सूरजपुर नियत किया गया है। निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

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