सुरजपुर : देश को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य के तहत सूरजपुर जिले में ‘प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान’ को सामाजिक सहभागिता के माध्यम से गति दी जा रही है। जिले में टीबी उन्मूलन के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से एक सराहनीय पहल की गई है। इसके अंतर्गत SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) विश्रामपुर क्षेत्र ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) मद से सूरजपुर एवं रामानुजनगर विकासखंड के 65 टीबी मरीजों को गोद लिया है।
पोषण आहार और फूड बास्केट का वितरण
जिला चिकित्सालय परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में SECL विश्रामपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार सिंह ने सभी चिन्हित 65 टीबी मरीजों को विशेष फूड बास्केट और पोषण आहार किट का वितरण किया। इस पोषण किट में ऐसी खाद्य सामग्रियां शामिल की गई हैं जो टीबी के इलाज के दौरान मरीजों के शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति में सहायक होती हैं, जिससे मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सके।
दवाइयों के साथ पौष्टिक आहार भी आवश्यक
कार्यक्रम के दौरान SECL के महाप्रबंधक संजय कुमार सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि टीबी जैसी बीमारी से पूर्णतः मुक्त होने के लिए नियमित दवाइयों के साथ-साथ संतुलित और पौष्टिक आहार की भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए SECL प्रबंधन अपने सामाजिक दायित्वों के तहत लगातार सहयोग प्रदान करता रहेगा।
प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों के प्रयास
यह सहभागिता कलेक्टर रेना जमील के नेतृत्व और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.डी. पैकरा के विशेष प्रयासों से संभव हो सकी है।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने मरीजों और उनके परिजनों को जागरूक किया:
सिविल सर्जन डॉ. अजय मरकाम ने टीबी के इलाज के दौरान पौष्टिक आहार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी मरीजों से अपील की कि वे बिना किसी लापरवाही के नियमित रूप से अपनी दवाइयां खाएं और डॉक्टरों द्वारा निर्धारित पूरी उपचार अवधि को अवश्य पूरा करें।
जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. राजेश पैकरा ने पोषण आहार में शामिल खाद्य पदार्थों के चिकित्सीय महत्व की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने टीबी के प्रमुख लक्षणों, नियमित दवा सेवन की आवश्यकता और शासन द्वारा टीबी मरीजों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं व निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य उपचार अवधि के दौरान मरीजों को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराना, उनके स्वास्थ्य में जल्द सुधार लाना तथा यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मरीज बीच में अपना इलाज न छोड़े।
सूरजपुर में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली सामाजिक सहभागिता, SECL ने 65 टीबी मरीजों को लिया गोद
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