October 11, 2026
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सूरजपुर / रायपुर : शिक्षक दिवस के अवसर पर रायपुर स्थित राजभवन में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड के दो उत्कृष्ट शिक्षकों—गोपाल सिंह एवं योगेश कुमार साहू—को प्रतिष्ठित राज्यपाल पुरस्कार से अलंकृत किया गया। राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षा, नवाचार, सामाजिक सरोकारों और पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए दोनों शिक्षकों को यह सम्मान प्रदान किया।
कलेक्टर रेना जमील ने दी बधाई
शिक्षकों की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कलेक्टर रेना जमील ने गोपाल सिंह और योगेश कुमार साहू को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनकी कड़ी मेहनत, निष्ठा और शिक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतिफल है। शिक्षकों का यह समर्पण विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिले के अन्य शिक्षक भी इन दोनों से प्रेरणा लेकर नवाचार के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेंगे।
विज्ञान, नवाचार और आधुनिक शिक्षण के संवाहक: गोपाल सिंह
गोपाल सिंह ने विज्ञान शिक्षा को दिलचस्प और व्यावहारिक बनाने में विशेष भूमिका निभाई है। कक्षा शिक्षण को प्रभावी और मनोरंजक बनाने के लिए वे स्मार्ट टीवी, प्रोजेक्टर, आईसीटी (ICT) और प्रयोगात्मक गतिविधियों का निरंतर उपयोग करते हैं।
उपलब्धियां व मार्गदर्शन: उनके कुशल मार्गदर्शन में कई विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस, इंस्पायर अवार्ड-मानक, पश्चिम भारत विज्ञान मेला, प्रेरणा उत्सव और युवा महोत्सव जैसी राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है।
संस्थागत गतिविधियां: वे विद्यालय में विज्ञान मेले, क्विज, खेलकूद, यूथ एवं इको क्लब, पोषण वाटिका, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक जागरूकता अभियानों के माध्यम से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता विकसित कर रहे हैं।
लेखन व पूर्व सम्मान: गोपाल सिंह ‘विज्ञान के अद्भुत विचार’ तथा ‘सफलता की राहें’ नामक पुस्तकों के लेखक भी हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें वर्ष 2024-25 में ‘शिक्षा श्री गौरव अलंकरण’ से भी नवाजा जा चुका है।
गतिविधि आधारित शिक्षा और समाज सेवा की मिसाल: योगेश कुमार साहू
शासकीय माध्यमिक शाला पतरापाली में पदस्थ शिक्षक योगेश कुमार साहू ने ‘खेल-खेल में शिक्षा’ और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों से बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को बेहद सरल और रुचिकर बनाया है।
शैक्षणिक नवाचार: उन्होंने विद्यालय में स्मार्ट क्लास, टीएलएम (TLM) निर्माण, प्रयोगात्मक शिक्षण और किचन गार्डन जैसी पहलों को प्रभावी ढंग से लागू किया है।
सामाजिक सरोकार व ड्रॉपआउट बच्चों का पुनर्वसन: उन्होंने शाला त्यागी (ड्रॉपआउट) बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा, नियमित अभिभावक संपर्क, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने, साक्षरता, जल संरक्षण, पौधरोपण और स्वच्छता अभियानों में वे सदैव सक्रिय रहते हैं।
18 बार रक्तदान कर पेश की मिसाल: शिक्षा के साथ-साथ योगेश कुमार साहू सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी एक मिसाल हैं। वे अब तक 18 बार रक्तदान कर चुके हैं, जो विद्यार्थियों और समाज के लिए मानवीय संवेदनशीलता और सेवा भाव की प्रेरणा देता है।
दोनों शिक्षकों को यह सम्मान मिलने पर विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई व उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

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