अंबिकापुर : सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र अंतर्गत बासाझाल (बालापानी) में पारिवारिक विवाद और गुस्से के आवेश में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ गाड़ी की किश्त पटाने के लिए रुपयों की मांग करने से नाराज होकर बेटी और दामाद ने मिलकर अपने ही पिता (ससुर) की साफी (गमछे) से गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से आरोपियों ने जमीन पर फैले खून को गोबर से लीप दिया। बतौली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारे पति-पत्नी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक लोहर साय कोरवा ने घटना की सुबह अपनी पत्नी रामपति के साथ मोटरसाइकिल की किश्त न चुका पाने की बात को लेकर मारपीट की थी। इसके बाद वह पैसों की मांग करने के लिए बासाझाल (बालापानी) स्थित अपनी बेटी सोनकुंवारी और दामाद बंधन कोरवा के घर पहुँचा।
वहाँ भी लोहर साय मोटरसाइकिल की किश्त चुकाने के लिए बेटी-दामाद से पैसों की मांग करने लगा, जिसे लेकर उनके बीच तीखी बहस और विवाद शुरू हो गया। विवाद इस कदर बढ़ा कि आवेश में आकर दामाद बंधन कोरवा और बेटी सोनकुंवारी ने मिलकर लोहर साय को दबोच लिया। उन्होंने लोहर साय के गले में बंधे साफी (गमछे) का फंदा बनाया और उसका गला घोंटते हुए जमीन पर पटक-पटक कर मार डाला।
खून छुपाने के लिए जमीन को गोबर से लीपा
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने कानून की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की। हाथापाई और गला घोंटने के दौरान जमीन पर काफी खून बिखर गया था। आरोपी बेटी सोनकुंवारी ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से खून सने उस स्थान को गोबर से लीपकर साफ करने का प्रयास किया।
घटना की जानकारी तब उजागर हुई जब बासाझाल के रहने वाले राजू कोरवा ने मामले की सूचना बासाझाल निवासी प्रार्थी माईकल टोप्पो को दी। माईकल टोप्पो ने जब मौके पर जाकर देखा, तो लोहर साय का शव उसके दामाद बंधन कोरवा के घर के बरामदे (परछी) में मृत अवस्था में पड़ा था। इसके बाद तत्काल बतौली पुलिस को सूचना दी गई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर बतौली थाना में अपराध क्रमांक 87/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238, 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और खुलासा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने बतौली पुलिस टीम को त्वरित और कड़ी वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बतौली थाना प्रभारी निरीक्षक विवेक सेंगर के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें जमीन पर खून छुपाने के लिए गोबर लिपे होने के पुख्ता सबूत मिले। शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जहाँ डॉक्टरों ने भी मौत का कारण गला घोंटना (हत्यात्मक प्रकृति) बताया।
पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर मृत लोहर साय की बेटी और दामाद को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
बंधन कोरवा (उम्र 40 वर्ष), पिता: स्व. नधिया कोरवा (निवासी बासाझाल बालापानी, थाना बतौली)
सोनकुंवारी (उम्र 35 वर्ष), पति: बंधन कोरवा (निवासी बासाझाल बालापानी, थाना बतौली)
न्यायालय में पेशी और पुलिस टीम
अपराध सिद्ध होने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया है, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस त्वरित और सफल कार्रवाई में बतौली थाना प्रभारी निरीक्षक विवेक सेंगर, सहायक उप निरीक्षक अरुण गुप्ता, महिला आरक्षक किरण तांडे, आरक्षक विकास एक्का, राजेश खलखो, जोगी बड़ा, रवि सिंह, सैहुन सिंह और जितेंद्र की सक्रिय व सराहनीय भूमिका रही।