
सूरजपुर : मादक पदार्थों और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सूरजपुर जिला पुलिस ने एक बेहद सख्त और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को पुलिस प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति की सीधी देखरेख में कुल 21 लाख रुपये की अनुमानित कीमत के विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। नष्टीकरण की यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया पुलिस लाइन परिसर में एक विशेष अस्थायी भट्ठा तैयार कर पूरी की गई। इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने क्षेत्र के नशीले पदार्थों के अवैध कारोबारियों को एक कड़ा संदेश दिया है।
एनडीपीएस एक्ट के 10 मामलों की जब्त सामग्री खाक
पुलिस विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नष्ट किए गए ये सभी मादक पदार्थ पिछले कुछ समय में एनडीपीएस (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट के तहत दर्ज किए गए 10 अलग-अलग आपराधिक प्रकरणों में जब्त किए गए थे। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन सामग्रियों को नष्ट करने का निर्णय लिया गया। नष्ट की गई अवैध सामग्रियों का पूरा ब्यौरा इस प्रकार है:
गांजा: कुल 32 किलो 247 ग्राम सूखा गांजा।
गांजे के पौधे: अवैध खेती और तस्करी के दौरान जब्त किए गए 45 नग हरे पौधे।
प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन: विभिन्न छापों में पकड़े गए 590 नग नशीले इंजेक्शन।
अवैध कफ सिरप: नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली 176 बोतलें (नग) कफ सिरप।
प्रतिबंधित कैप्सूल: नशीली दवाओं के रूप में बेचे जा रहे 2592 नग प्रतिबंधित कैप्सूल।
इन सभी सामग्रियों की अंतरराष्ट्रीय व घरेलू बाजार में कुल अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये आंकी गई है।
कड़े नियमों, वीडियोग्राफी और दस्तावेजीकरण के बीच हुई प्रक्रिया
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने बताया कि मादक पदार्थों को नष्ट करने की यह पूरी कार्रवाई पूरी तरह से नियमानुकूल और पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई थी। इसके लिए केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय की विशिष्ट अधिसूचना और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 नवंबर 2024 को जारी किए गए कड़े दिशा-निर्देशों एवं मानकों का अक्षरशः पालन किया गया।
कार्रवाई की सत्यता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी नष्टीकरण प्रक्रिया की बाकायदा वीडियोग्राफी (वीडियो रिकॉर्डिंग) कराई गई और प्रत्येक चरण का विस्तृत दस्तावेजीकरण (Documentation) किया गया।
उच्च अधिकारियों और विशेषज्ञ समिति की उपस्थिति
नष्टीकरण की यह पूरी कानूनी प्रक्रिया डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस दौरान मौके पर जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति के सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के आला अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।
उपस्थित मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, जिला आबकारी अधिकारी अनिल मित्तल, क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण संरक्षण मण्डल के पंचान और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
इसके अलावा, कानूनी और जमीनी कार्रवाई को अंजाम देने वाले पुलिस दल के सदस्य भी वहां मौजूद रहे, जिनमें रक्षित निरीक्षक अशोक गिरी, निरीक्षक जावेद मियादांद, प्रधान आरक्षक आशाराम लकड़ा, आरक्षक सोहेल राजा और आरक्षक उदय सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी मुख्य रूप से शामिल थे।
नशे के खिलाफ सूरजपुर पुलिस का ‘जीरो टॉलरेंस’ संकल्प
इस बड़ी सफलता और कार्रवाई के बाद जिला पुलिस सूरजपुर ने अपनी भावी प्राथमिकताओं को एक बार फिर स्पष्ट किया है। पुलिस प्रशासन ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी और युवाओं को नशे के चंगुल में फंसने से बचाना और समाज को पूरी तरह से नशामुक्त बनाना है। इसके लिए भविष्य में भी मादक पदार्थों की अंतर-राज्यीय और स्थानीय तस्करी पर न केवल पैनी नजर रखी जाएगी, बल्कि अपराधियों के खिलाफ इससे भी अधिक सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाली किसी भी संदिग्ध नशीली गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

