
अंबिकापुर : सरगुजा जिले में वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और आपराधिक तत्वों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने एक बड़ा सुरक्षा अभियान चलाया है। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के कड़े दिशा-निर्देशों के बाद जिले भर की पुलिस हरकत में आई। पुलिस टीमों ने शुक्रवार को जिले के अंतर्गत आने वाले सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों, निजी बैंकों और एटीएम बूथों पर अचानक दबिश देकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का सघन निरीक्षण किया।
इस औचक चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य बैंक प्रबंधन और आम उपभोक्ताओं के भीतर सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करना तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय या आपराधिक घटना को रोकना है।
जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अलर्ट
राजेश अग्रवाल ने जिला मुख्यालय सहित जिले के समस्त थाना और चौकी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में स्थित बैंकिंग संस्थानों का भौतिक सत्यापन करें। इसके बाद सभी थाना प्रभारियों ने अपनी टीमों के साथ बैक-टू-बैक चेकिंग शुरू की। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से बैंक परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप का माहौल देखा गया, वहीं आम नागरिकों ने पुलिस की इस सक्रियता की सराहना की।
सीसीटीवी और अलार्म सिस्टम की हुई ‘फिजिकल टेस्टिंग’
चेकिंग के दौरान पुलिस टीमों ने केवल औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि बैंकों के सुरक्षा ढांचे की जमीनी हकीकत परखी।
तकनीकी उपकरणों की जांच: बैंकों के भीतर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के एंगल, उनकी रिकॉर्डिंग क्षमता और नाइट विजन फीचर्स को चेक किया गया। इसके साथ ही, आपातकालीन अलार्म सिस्टम और सायरन बजाकर उनकी कार्यप्रणाली की जांच की गई ताकि आपात स्थिति में वे सही समय पर काम कर सकें।
संदेहियों पर कार्रवाई: बैंक परिसरों के बाहर और भीतर बिना किसी ठोस वजह के मंडरा रहे लोगों, संदिग्ध वाहनों और असामाजिक तत्वों को रोककर पूछताछ की गई। पुलिस ने बैंक आने का कारण पूछा और उनके पहचान पत्रों की भी जांच की। बेवजह घूमने वालों को सख्त चेतावनी देकर वहां से हटाया गया।
बैंक प्रबंधकों और गार्ड्स को दिए गए कड़े निर्देश
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बैंक प्रबंधकों के साथ आपात बैठकें भी कीं। पुलिस ने प्रबंधकों को निर्देश दिए कि वे अपने निजी सुरक्षा गार्डों की तैनाती और उनकी मुस्तैदी की नियमित समीक्षा करें।
पुलिस का निर्देश: “बैंक प्रबंधन और सुरक्षा गार्ड आपस में बेहतर तालमेल स्थापित करें। यदि बैंक या एटीएम के आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति लगातार रेकी करता हुआ दिखाई दे या किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो बिना समय गंवाए तुरंत नजदीकी थाने या डायल 112 को सूचित करें।”
उपभोक्ताओं के लिए पुलिस की विशेष एडवाइजरी
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बैंकों में मौजूद ग्राहकों और लेन-देन करने आए आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया। पुलिस ने उपभोक्ताओं को जागरूक करते हुए वित्तीय धोखाधड़ी और छिनतई (लूट) जैसी घटनाओं से बचने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए:
गोपनीयता बनाए रखें: बैंक या एटीएम के भीतर किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपना एटीएम पिन, ओटीपी या अन्य गोपनीय बैंकिंग दस्तावेज साझा न करें।
कैश हैंडलिंग में सतर्कता: बैंक से बड़ी रकम की निकासी करने के बाद उसे पूरी तरह सुरक्षित कर लें और सीधे अपने गंतव्य की ओर जाएं।
मदद के लिए सतर्क रहें: एटीएम से पैसे निकालते समय यदि किसी तकनीकी सहायता की आवश्यकता हो, तो केवल अधिकृत बैंक कर्मचारी या वहां तैनात गार्ड की ही मदद लें।
सरगुजा पुलिस प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण और सघन चेकिंग अभियान आगे भी बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार जारी रहेंगे, ताकि अपराधियों के हौसले पस्त किए जा सकें।

