
बलरामपुर : जिले के संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जीवन दीप समिति जिला अस्पताल कार्यकारिणी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के मुख्य अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को पहले से अधिक प्रभावी, मजबूत और सुदृढ़ बनाना है, ताकि आम नागरिकों को उच्च गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। बैठक में पिछले सत्र के कार्यों की समीक्षा करने के साथ-साथ अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए।
अस्पताल परिसर में बनेगी ‘सियान गुड़ी’ की तर्ज पर व्यवस्था
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जिला अस्पताल की अधोसंरचना को दिव्यांगजन-अनुकूल (डिसेबल फ्रेंडली) और वृद्धजन-अनुकूल (एल्डरली फ्रेंडली) बनाया जाए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक ‘सियान गुड़ी’ (बुजुर्गों के बैठने का चौपाल) की तर्ज पर वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएं। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को आगामी तीन महीने के भीतर एक ठोस कार्ययोजना तैयार कर सभी आवश्यक निर्माण और सुधार कार्य पूरे करने की समय-सीमा (डेडलाइन) तय की है।
बजट, साफ-सफाई और रिक्त पदों की भर्ती पर मंथन
बैठक के दौरान जीवन दीप समिति की वार्षिक आय और व्यय (बजट) का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया, जिस पर समिति के सदस्यों ने गहन विचार-विमर्श किया। अस्पताल की बुनियादी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए निम्नलिखित प्रमुख एजेंडों पर चर्चा कर उन्हें मंजूरी दी गई:
अस्पताल प्रबंधन व सुरक्षा: परिसर के भीतर व्यवस्थित पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और पीने के साफ पानी (पेयजल) की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
साफ-सफाई और मरम्मत: अस्पताल में स्वच्छता का स्तर सुधारने और भवन के जरूरी मरम्मत कार्यों को जल्द शुरू करने की बात कही गई।
मानव संसाधन: अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए रिक्त पदों की भर्ती और विभिन्न मदों में होने वाले खर्चों का वित्तीय अनुमोदन किया गया।
डॉक्टरों और कर्मचारियों को समय पर आने की सख्त हिदायत
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए कलेक्टर ने उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम और सही उपयोग पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों, अधिकारियों और कर्मचारियों की लेटलतीफी पर नाराजगी जताते हुए सख्त लहजे में कहा कि सभी कर्मचारी समय पर अस्पताल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और अपने शासकीय दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करें। ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों सहित समिति के सदस्य मौजूद थे। इनमें मुख्य रूप से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंह, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. शशांक गुप्ता और डॉ. अनुज पैकरा शामिल रहे, जिन्होंने अस्पताल की आवश्यकताओं और आगामी योजनाओं पर अपनी तकनीकी राय साझा की।

