
अंबिकापुर/सरगुजा : नशीली दवाओं और अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सरगुजा पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। जिला पुलिस प्रशासन द्वारा विभिन्न थानों में दर्ज कुल 15 आपराधिक प्रकरणों के तहत जब्त किए गए भारी मात्रा में मादक पदार्थों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है। यह कार्रवाई “जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति” (ड्रग डिस्पोजल कमेटी) के दिशा-निर्देशों और कानूनी नियमों के तहत सुरक्षित तरीके से संपन्न की गई।
नशीले पदार्थों के नष्टीकरण की यह पूरी प्रक्रिया पड़ोसी जिले सूरजपुर के अंतर्गत आने वाले नयनपुर गिरवरगंज स्थित ‘इन्द्रा पावर जैन प्राइवेट लिमिटेड’ के परिसर में विधिपूर्वक पूरी की गई। इस दौरान पर्यावरण सुरक्षा मानकों का भी विशेष ध्यान रखा गया।
लाखों की नशीली दवाएं और गाँजा खाक
पुलिस विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, विभिन्न छापों और कार्रवाई के दौरान एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत जब्त की गई नशीली सामग्रियों को कमेटी की मौजूदगी में नष्ट किया गया है। नष्ट की गई सामग्रियों का आधिकारिक ब्यौरा इस प्रकार है:
मादक पदार्थ गाँजा: 44.155 किलोग्राम
प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन: 1478 नग
नशीली टैबलेट: 2610 नग
प्रतिबंधित कफ सिरप: 110 नग
पारदर्शिता के लिए हुई वीडियोग्राफी, आला अधिकारी रहे मौजूद
मादक पदार्थों के विखंडन और नष्टीकरण की इस बड़ी कार्रवाई को बेहद गोपनीय और पारदर्शी तरीके से अंजाम दिया गया। इस पूरी विधिक प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई, ताकि रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जा सके।
कार्रवाई के दौरान ड्रग डिस्पोजल कमेटी के अध्यक्ष और डीआईजी व एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल (IPS) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ समिति के अन्य सदस्यों में शामिल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों, जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मीकान्त गायकवाड़ और पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मुस्तैद रहे, जिनकी देखरेख में प्रतिबंधित दवाओं को नष्ट किया गया।
अदालती अनुमति के बाद हुई कार्रवाई
नष्टीकरण की इस प्रक्रिया को अंजाम देने से पहले सरगुजा पुलिस द्वारा सभी 15 मामलों से जुड़े आवश्यक विधिक दस्तावेजों, जब्तीनामा और मालखाने के रिकॉर्ड की विस्तृत सूची को कमेटी के सामने पेश किया गया था। विधिक नियमों का पालन करते हुए इस नष्टीकरण की सूचना संबंधित विभागों सहित माननीय न्यायालय को भी काफी पहले (अग्रिम रूप से) दे दी गई थी। न्यायालय से हरी झंडी मिलने के बाद ही ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने इसे नष्ट करने का अंतिम फैसला लिया।
इस पूरी जमीनी कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को सफल बनाने में गांधीनगर थाना प्रभारी और निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के डीसीआरबी शाखा प्रभारी और सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक गंभीर साय, प्रधान आरक्षक अनिल तिर्की और आरक्षक अजय यादव ने सक्रिय भूमिका निभाई।
सरगुजा पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की “जीरो टॉलरेंस” नीति जारी रहेगी और आने वाले दिनों में नशा तस्करों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

