
अम्बिकापुर : जिले में कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत सुदृढ़ और चाक-चौबंद बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा एक व्यापक और सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। यह विशेष अभियान अपराधिक गतिविधियों की रोकथाम, संदिग्ध तत्वों पर कड़ा नियंत्रण स्थापित करने तथा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बाहर से आकर निवास करने वाले प्रवासियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए संचालित किया गया। संपूर्ण अभियान की रूपरेखा और दिशा-निर्देश डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा तैयार की गई थी, जिसके परिपालन में सभी थाना और चौकी प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैदी से कार्रवाई की।
पुलिस मुख्यालय से मिले कड़े निर्देशों के बाद सरगुजा पुलिस की विभिन्न टीमों ने अपने-अधिकार क्षेत्रों में सघन जांच की गति तेज कर दी है। इस अभियान के तहत विशेष रूप से उन प्रवासियों और बाहरी प्रान्तों से आए नागरिकों को लक्षित किया गया जो वर्तमान में जिले में अस्थाई या स्थाई रूप से निवासरत हैं। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इन सभी व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन करना और थानों में उनकी ‘मुसाफिरी’ (प्रवासी पंजीकरण) दर्ज कराना है, ताकि जिले की आंतरिक सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो।
होटलों, बस्तियों और कमर्शियल वाहनों की गहन तलाशी
अभियान के अंतर्गत पुलिस टीमों ने बेहद सूक्ष्म स्तर पर जाकर चेकिंग की। शहरों और ग्रामीण इलाकों में संचालित होने वाले पान ठेलों, गुमटी संचालकों, छोटे-बड़े होटलों और ढाबों की तलाशी ली गई तथा वहां कार्यरत कर्मचारियों का पूरा विवरण खंगाला गया। इसके अतिरिक्त, कमर्शियल वाहनों, विशेष रूप से बस और ट्रक संचालकों के यहां काम करने वाले चालकों, कंडक्टरों और क्लीनरों की भी बारीकी से जांच की गई। पुलिस ने विभिन्न व्यावसायिक वाहनों में सेवारत बाहरी व्यक्तियों के परिचय पत्रों का मिलान किया तथा नियोक्ताओं को सख्त हिदायत दी कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को काम पर रखने से पहले उसकी पूरी जानकारी अनिवार्य रूप से पुलिस से साझा की जाए।
मकान मालिकों और किराएदारों को कड़े निर्देश
जांच के दौरान जिन मकानों और कॉलोनियों में बाहरी प्रांतों के लोग किराएदार के रूप में रह रहे हैं, वहां पुलिस ने सीधे पहुंचकर मकान मालिकों और किराएदारों दोनों से पूछताछ की। मौके पर उपस्थित सभी किराएदारों के मूल पहचान पत्र चेक किए गए और उन्हें तत्काल संबंधित क्षेत्र के थाने में जाकर अपनी मुसाफिरी दर्ज कराने का आदेश दिया गया। साथ ही, पुलिस ने मकान मालिकों और होटल-ढाबा संचालकों को चेतावनी भरे लहजे में निर्देशित किया है कि यदि कोई भी किराएदार या ठहरने वाला व्यक्ति संदिग्ध आचरण प्रदर्शित करता है या उसकी गतिविधियां असामान्य लगती हैं, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस के हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी थाने में दें।
आंकड़ों में कार्रवाई
सघन चेकिंग अभियान के दौरान सरगुजा पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा लगभग 125 आवासीय मकानों, घनी निचली बस्तियों, अंदरूनी कॉलोनियों, व्यावसायिक संस्थानों तथा परिवहन केंद्रों पर औचक दबिश दी गई। इस दौरान कुल मिलाकर लगभग 450 से अधिक व्यक्तियों के पहचान पत्रों (आईडी प्रूफ) एवं अन्य आवश्यक सहायक दस्तावेजों का मौके पर ही गहनता से निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया गया।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को स्पष्ट किया है कि अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों या संदिग्धों के विरुद्ध किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए और साक्ष्य मिलने पर तत्काल अग्रिम वैधानिक व कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के आकस्मिक और सघन अभियानों से अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना और अधिक मजबूत होगी।
सरगुजा पुलिस की आम जनता से अपील एवं हेल्पलाइन
सुरक्षा को अचूक बनाने के लिए सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों की सहभागिता को अत्यंत आवश्यक बताया है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास या मोहल्ले में कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से, पहचान छुपाकर या संदिग्ध अवस्था में रह रहा हो, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाएं। इसके लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:
सरगुजा पुलिस हेल्पलाइन नंबर: 9479193599
आपातकालीन त्वरित सेवा: डायल 112
विशेष नोट: सूचना देने वाले किसी भी नागरिक का नाम, पता या अन्य विवरण पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा। सरगुजा पुलिस ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने और बाहरी व्यक्तियों के अनिवार्य सत्यापन का यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी पूरे जिले में निरंतर और अधिक कड़ाई से जारी रहेगा।

