सूरजपुर : सूरजपुर जिले में चालू खरीफ सीजन को देखते हुए प्रशासन ने किसानों के लिए राहत भरी खबर दी है। जिले के किसानों को समय पर और बिना किसी असुविधा के उर्वरक (खाद) उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण सुनिश्चित कर लिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 7 जुलाई 2026 की स्थिति में जिले की विभिन्न समितियों में खाद का मजबूत स्टॉक मौजूद है, जिससे किसानों को इस सीजन में किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कुल भंडारण और वितरण के आंकड़े
प्रशासनिक रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में अब तक विभिन्न श्रेणियों के कुल हजारों मैट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया गया था, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा किसानों के बीच सुचारू रूप से वितरित भी किया जा चुका है। खाद की उपलब्धता और वितरण की विस्तृत जानकारी इस प्रकार है:
यूरिया: जिले में कुल 9,515.13 मैट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया गया था। इसमें से अब तक 7,596.40 मैट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में समितियों के पास 1,918.73 मैट्रिक टन यूरिया का स्टॉक शेष है।
एनपीके (12:32:16): कुल 2,727.45 मैट्रिक टन के भंडारण में से 1,788.50 मैट्रिक टन खाद किसानों को बांटी जा चुकी है। अब समितियों में 938.95 मैट्रिक टन सुरक्षित है।
डीएपी (DAP): कुल 3,406.70 मैट्रिक टन डीएपी का भंडारण किया गया था, जिसमें से 2,228.90 मैट्रिक टन का वितरण हो चुका है और 1,177.80 मैट्रिक टन अभी भी वितरण के लिए उपलब्ध है।
सुपर फॉस्फेट: इस उर्वरक का कुल भंडारण 1,659.35 मैट्रिक टन था। किसानों को 787.85 मैट्रिक टन वितरित करने के बाद अब 871.50 मैट्रिक टन का स्टॉक शेष है।
पोटाश: जिले में कुल 587.85 मैट्रिक टन पोटाश की आवक हुई थी, जिसमें से 319.90 मैट्रिक टन का वितरण किया गया। समितियों में अब 267.95 मैट्रिक टन पोटाश बचा हुआ है।
मिश्रित उर्वरक (20:20:0:13): कुल 6,065.10 मैट्रिक टन के विशाल भंडारण में से 3,983.55 मैट्रिक टन खाद किसानों को दी जा चुकी है, जिसके बाद 2,081.55 मैट्रिक टन का स्टॉक अभी भी समितियों में मौजूद है।
कृषि विभाग की सलाह और अपील
इस संबंध में कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों ने जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपनी बुआई और फसल की आवश्यकता के अनुसार तत्काल अपने निकटतम सहकारी समिति से संपर्क करें और सुगमता से खाद प्राप्त करें।
साथ ही, विभाग ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि किसान खेतों में अंधाधुंध खाद डालने से बचें। भूमि की उर्वरता और अच्छी पैदावार बनाए रखने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा निर्धारित अनुशंसित मात्रा में ही संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसान किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के मुताबिक ही समितियों से उठाव करें।
सूरजपुर जिले में खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध, कृषि विभाग ने की संतुलित उपयोग की अपील
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