सूरजपुर : कलेक्टर रेना जमील के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना के आगामी चरण की अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक कार्यवाही के तहत कल जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन ग्राम सभाओं का मुख्य उद्देश्य आवास आवंटन के लिए एक पारदर्शी और नई स्थाई प्रतीक्षा सूची तैयार करना है।
जिले में अब तक इस योजना के अंतर्गत 72,000 से अधिक जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं। आगामी स्वीकृतियों के लिए कल होने वाली ग्राम सभाओं को बेहद निर्णायक माना जा रहा है।
क्यों पड़ी नई सूची की जरूरत?
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवासों की स्वीकृति मुख्य रूप से दो सूचियों के आधार पर की जा रही थी:
सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011
आवास प्लस 2018
वर्तमान में जिले के भीतर इन दोनों ही पुरानी सूचियों में शामिल शत-प्रतिशत पात्र परिवारों को आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। अतः आगामी चरणों में पक्के मकानों की स्वीकृति अब पूर्णतः आवास प्लस 2.0 के माध्यम से किए गए नए सर्वे के आधार पर की जाएगी। जिले में इस नए दौर में कुल 1,40,079 परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है, जिनकी पात्रता और प्राथमिकता कल तय होगी।
ग्राम सभा में कैसे तय होगी प्राथमिकता?
भारत सरकार द्वारा पोर्टल पर उपलब्ध सर्वेक्षित परिवारों की सूची की एक-एक प्रति संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को भेजी जा चुकी है। कल आयोजित होने वाली ग्राम सभा में इस सूची के संबंध में निम्नलिखित प्रमुख कार्य किए जाएंगे:
सूची का सार्वजनिक वाचन: ग्राम सभा की बैठक में सभी ग्रामीणों के सामने सूची में शामिल सभी नामों को पढ़कर सुनाया जाएगा।
अपात्रों की छंटनी: यदि सूची में कोई ऐसा परिवार शामिल है जो योजना के नियमों के तहत अपात्र है, तो नियमों के अनुसार उसका नाम सूची से पृथक (हटाया) किया जाएगा।
प्राथमिकता का निर्धारण: भारत सरकार द्वारा जारी नवीन मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, सबसे अधिक जरूरतमंद और गरीब परिवारों को सूची में प्राथमिकता के क्रम में सबसे ऊपर रखा जाएगा।
दावा-आपत्ति के लिए मिलेगा मौका
ग्राम सभा से अंतिम निर्णय, प्रस्ताव और सर्वसम्मति से अनुमोदन मिलने के बाद इस सूची को आवास सॉफ्ट पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से अपलोड कर दिया जाएगा।
यदि इसके बाद भी किसी ग्रामीण या हितग्राही को सूची में नाम होने, कटने या प्राथमिकता क्रम को लेकर कोई आपत्ति होती है, तो वे एक निश्चित समय-सीमा के भीतर संबंधित जनपद पंचायत या जिला पंचायत में अपनी दावा-आपत्ति भौतिक रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं। इन प्राप्त आपत्तियों का निराकरण करने के लिए जिला स्तरीय अपीलीय समिति का गठन किया गया है, जो पारदर्शी तरीके से मामलों की जांच करेगी।
प्रशासन की सख्त चेतावनी: कोई नया नाम नहीं जुड़ेगा, प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क
⚠️ ध्यान दें: प्रशासन ने इस बात को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि कल होने वाली ग्राम सभा में केवल पहले से सर्वेक्षित और भारत सरकार से प्राप्त सूची में दर्ज नामों पर ही विचार और स्क्रूटनी की जाएगी। इस चरण में किसी भी नए परिवार का नाम सूची में नहीं जोड़ा जा सकता।
इसके साथ ही, जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को बिचौलियों और धोखाधड़ी से सावधान करते हुए साफ किया है कि इस पूरी प्रक्रिया के किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार के शुल्क का कोई प्रावधान नहीं है। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क है।
यहाँ करें शिकायत (हेल्पलाइन नंबर):
यदि कोई भी व्यक्ति, अधिकारी या बिचौलिया आवास सूची में नाम रखने, प्राथमिकता दिलाने या किसी अन्य काम के बदले पैसों की मांग करता है, तो ग्रामीण डरे बिना सीधे इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
सीधे कॉल या व्हाट्सएप्प (WhatsApp) नंबर: 9244049285
इसके अलावा ग्रामीण सीधे संबंधित जनपद पंचायत या जिला पंचायत कार्यालय में भी लिखित शिकायत कर सकते हैं।
प्रशासन की अपील:
सूरजपुर जिला प्रशासन ने जिले के समस्त ग्रामीणों से विशेष अनुरोध किया है कि वे अपने-अपने गांवों में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से ही एक स्वच्छ, निष्पक्ष और पारदर्शी स्थाई प्रतीक्षा सूची तैयार हो सकेगी, जिससे गांव के वास्तविक हकदार को उसका पक्का मकान मिल सके।
सूरजपुर में पीएम आवास योजना (ग्रामीण) का नया अध्याय: कल की ग्राम सभा में तय होगी 1.40 लाख परिवारों की नई सूची
Leave a comment
Leave a comment

