रामानुजगंज में फूटा किसानों का गुस्सा: धान भुगतान और फर्जी केसीसी घोटाले के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू

Deshkibaat24
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विशेष संवादाता मोहम्मद रिजवान

बलरामपुर : जिले के अंतर्गत आने वाले रामानुजगंज से किसानों के बड़े आंदोलन की खबर सामने आ रही है। क्षेत्र के पीड़ित किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। ‘पीड़ित किसान एवं किसान समाज’ के संयुक्त बैनर तले बुधवार से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की रामानुजगंज शाखा के सामने किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है।
इस आंदोलन में रामानुजगंज और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों और राशन-पानी के साथ पहुंचे हैं। किसानों का साफ कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता, वे बैंक के सामने से नहीं हटेंगे।
मुख्य मांगें: धान का पैसा और फर्जी कर्ज से मुक्ति
धरने पर बैठे आंदोलनकारी किसानों ने मुख्य रूप से दो सूत्रीय मांगें प्रशासन और सहकारिता विभाग के सामने रखी हैं, जिन पर वे तुरंत कार्रवाई चाहते हैं:
1. वर्ष 2025-26 के धान भुगतान की बकाया राशि
किसानों का आरोप है कि चालू सीजन (2025-26) में सरकार को बेचे गए धान की एक बड़ी राशि का भुगतान बैंक द्वारा अब तक नहीं किया गया है। भुगतान में हो रही इस लेत-लतीफी के कारण किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्हें अगली फसल के लिए खाद, बीज और मजदूरी का इंतजाम करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
2. कथित फर्जी केसीसी (KCC) मामलों का निराकरण
आंदोलन का दूसरा और सबसे गंभीर मुद्दा किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़ा है। किसानों ने बैंक प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र के कई भोले-भाले किसानों के नाम पर उनकी जानकारी के बिना ही फर्जी तरीके से केसीसी लोन स्वीकृत करा लिए गए। किसानों की मांग है कि इन सभी कथित फर्जी मामलों की उच्च स्तरीय जांच हो, फर्जी खातों को तत्काल निरस्त किया जाए और इस पूरे सिंडिकेट में शामिल दोषियों व बैंक कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
रात-दिन जारी रहेगा धरना, प्रशासन अलर्ट
“जब तक लिखित में ठोस कार्रवाई नहीं होगी, हम यहां से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे। किसानों के हक का पैसा और उनके नाम पर हुआ फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
— आंदोलनरत किसान
किसानों ने बैंक परिसर के सामने ही अपना डेरा डाल दिया है और उनके तेवरों से साफ है कि वे इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। बड़ी संख्या में किसानों के जुटने और अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा के बाद स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीम भी मुस्तैद हो गई है। बैंक के कामकाज पर असर न पड़े, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, लेकिन किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार नारेबाजी कर रहे हैं।

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