मगजी पंचायत में भारी राजनीतिक विक्षोभ: सरपंच प्रभु बेसरा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग, नौ पंचों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

Deshkibaat24
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विशेष संवादाता मोहम्मद रिजवान

कुसमी (बलरामपुर-रामानुजगंज): सरगुजा संभाग अंतर्गत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से एक बड़ी प्रशासनिक और राजनैतिक हलचल सामने आ रही है। जनपद पंचायत कुसमी के अंतर्गत आने वाले सुदूर ग्राम पंचायत मगजी में स्थानीय लोकतंत्र के भीतर गहरा असंतोष फूट पड़ा है। ग्राम पंचायत के निर्वाचित पंचों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने वर्तमान सरपंच प्रभु बेसरा के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को बड़ी संख्या में कुसमी ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे जन प्रतिनिधियों ने सरपंच की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा करते हुए पद से हटाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंचायत के कुल बहुमत से अधिक पंचों ने एकजुट होकर सरपंच प्रभु बेसरा के कामकाज और प्रशासनिक निर्णयों पर गहरा अविश्वास जताया है। इस संबंध में पंचों के एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) कुसमी अनमोल विवेक तोप्पो से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान पंचों ने सरपंच के विरुद्ध एक विस्तृत और लिखित शिकायत पत्र सौंपते हुए पंचायत राज अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया प्रारंभ करने और मतदान की तिथि नियत करने की औपचारिक मांग की है।
वित्तीय अनियमितता एवं मनमानी के गंभीर आरोप
एसडीएम को सौंपे गए शिकायती पत्र में पंचों ने सरपंच प्रभु बेसरा पर पद के दुरुपयोग और भारी वित्तीय गबन के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। आवेदन के मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ग्रामों के विकास के लिए भेजी जाने वाली चौदहवें एवं पंद्रहवें वित्त आयोग की महत्वपूर्ण राशियों का उपयोग करने में भारी घालमेल किया गया है। पंचों का स्पष्ट आरोप है कि पंचायत की बिना किसी सामान्य या विशेष बैठक के, और बिना निर्वाचित सदस्यों को सूचना दिए, सरपंच ने अपनी मर्जी से विकास कार्यों के फर्जी प्रस्ताव तैयार करवाए।
शिकायत पत्र में उल्लिखित मुख्य तकनीकी एवं वित्तीय गड़बड़ियां:
सहमतियों का अभाव: सीसी रोड निर्माण तथा सार्वजनिक कुआं निर्माण जैसे भारी बजट के बुनियादी ढांचागत कार्यों को अमलीजामा पहनाते समय किसी भी निर्वाचित वार्ड सदस्य को विश्वास में नहीं लिया गया।
अवैध राशि आहरण: बिना किसी वैध और सामूहिक सर्वसम्मति के, गोपनीय तरीके से प्रस्ताव पारित दिखाकर बैंक खातों से लाखों रुपये की शासकीय राशि का आहरण कर लिया गया।
फर्जी हस्ताक्षर की गंभीर आपत्ति: शिकायत में सबसे चौंकाने वाला बिंदु यह है कि कई महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेजों और प्रस्तावों में पंचों के फर्जी हस्ताक्षर किए जाने की आशंका जताई गई है। पंचों ने आधिकारिक तौर पर लिखित में कहा है कि उन्होंने ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, जो रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
सामूहिक निर्णय प्रक्रिया की अनदेखी: गांव में कराए गए आंगनबाड़ी भवन मरम्मत कार्य सहित अन्य निर्माण कार्यों में भी निर्वाचित प्रतिनिधियों की उपेक्षा की गई, जिससे पंचायत की सामूहिक निर्णय प्रणाली पूरी तरह प्रभावित हुई है।
बहुमत का आंकड़ा सरपंच के खिलाफ: इन वार्डों ने खोला मोर्चा
मगजी ग्राम पंचायत के भीतर असंतोष का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अधिकांश वार्डों के प्रतिनिधि इस अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में खड़े हो गए हैं। आवेदन सौंपने वाले प्रतिनिधियों में मुख्य रूप से वार्ड क्रमांक 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 और वार्ड क्रमांक 10 के निर्वाचित पंच शामिल हैं। इन 9 वार्डों के पंचों ने एक सुर में कहा है कि वे वर्तमान सरपंच प्रभु बेसरा के अधीन काम करने में पूरी तरह असमर्थ हैं क्योंकि उनका भरोसा वर्तमान नेतृत्व से पूरी तरह उठ चुका है। पंचों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि लोकतांत्रिक मर्यादा को अक्षुण्ण रखने के लिए जल्द से जल्द मतदान की तिथि तय की जाए।
प्रशासनिक रुख: एसडीएम ने दिया कार्रवाई का भरोसा
कुसमी मुख्यालय में ग्रामीणों और पंचों के इस संयुक्त प्रतिनिधिमंडल की गंभीर बातों और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद एसडीएम कुसमी अनमोल विवेक तोप्पो ने तत्परता दिखाई है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है कि किसी भी स्तर पर पंचायती राज नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आधिकारिक प्रशासनिक वक्तव्य:
“ग्राम पंचायत मगजी के पंचों द्वारा सरपंच के विरुद्ध वित्तीय अनियमितताओं और अविश्वास प्रस्ताव संबंधी आवेदन प्राप्त हुआ है। प्रशासन इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रहा है। सौंपे गए दस्तावेजों और हस्ताक्षरों का नियमानुसार सूक्ष्म परीक्षण और भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर पंचायत राज अधिनियम के तहत त्वरित और निष्पक्ष अग्रिम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
— अनमोल विवेक तोप्पो, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कुसमी
एसडीएम से मिले कड़े और सकारात्मक रुख के बाद कुसमी पहुंचे पीड़ित पंचों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और प्रशासन से निष्पक्ष व त्वरित न्याय की उम्मीद जताई है। इस राजनैतिक घटनाक्रम के बाद पूरे बलरामपुर जिले के पंचायती राज हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।

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