बलरामपुर : जनहित और सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बलरामपुर जिले की ग्राम पंचायत मनोहरपुर ने एक बार फिर मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की है। पंचायत प्रशासन ने दुख की इस घड़ी में एक अत्यंत जरूरतमंद विशेष पिछड़ी जनजाति (पहाड़ी कोरवा) परिवार की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है, जिसकी स्थानीय स्तर पर काफी सराहना हो रही है।
आकस्मिक निधन से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत मनोहरपुर के अंतर्गत आने वाले आश्रित ग्राम पारा नौनपानी के निवासी अजय कोरवा का 14 जून 2026 को आकस्मिक निधन हो गया। अजय कोरवा अपने परिवार के मुख्य भरण-पोषण करने वाले सदस्यों में से थे। उनके असमय चले जाने से पूरे परिवार पर न केवल दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, बल्कि उनके सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया।
पंचायत प्रतिनिधियों ने बँधाया ढांढस
जैसे ही इस दुखद घटना की जानकारी ग्राम पंचायत प्रशासन को मिली, पंचायत के जनप्रतिनिधि और पंचायत कर्मी तुरंत सक्रिय हो गए। वे तत्काल अजय कोरवा के निवास स्थान पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बँधाया और गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस कठिन समय में पंचायत ने परिवार को यह अहसास कराया कि पूरा गांव इस दुख में उनके साथ खड़ा है।
मौके पर ही प्रदान की 5 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता
पहाड़ी कोरवा परिवार की अत्यंत दयनीय और विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए ग्राम पंचायत मनोहरपुर द्वारा त्वरित निर्णय लिया गया। पंचायत की ओर से मृतक के परिजनों को अंतिम संस्कार तथा अन्य तात्कालिक आवश्यक व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए ₹5,000 (पाँच हजार रुपये) की नकद आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। पंचायत द्वारा ऐन वक्त पर पहुंचाई गई इस मदद से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है।
सामाजिक दायित्वों को लेकर पंचायत की प्रतिबद्धता
इस मानवीय कार्य के संबंध में ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा:
“संकट की इस घड़ी में अपने क्षेत्र के जरूरतमंद और गरीब परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा होना पंचायत का प्राथमिक सामाजिक दायित्व है। पहाड़ी कोरवा समुदाय हमारे समाज का एक अभिन्न हिस्सा है। पंचायत प्रशासन भविष्य में भी समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति और जरूरतमंद लोगों को हरसंभव सहयोग और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिए हमेशा तत्पर रहेगा।”
मनोहरपुर ग्राम पंचायत के इस त्वरित और संवेदनशील कदम की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि संकट के समय स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ऐसी सजगता से आम नागरिकों का पंचायती राज व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होता है।
संवेदनशीलता की मिसाल: शोकाकुल पहाड़ी कोरवा परिवार की मदद के लिए आगे आई ग्राम पंचायत मनोहरपुर
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