सूरजपुर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: प्रतापपुर के पेट्रोल पंप पर शुरू हुई निर्बाध ईंधन आपूर्ति, कृत्रिम कमी दिखाने पर सख्त रुख

Deshkibaat24
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सूरजपुर : जिले में आम जनता की सुविधा और आवश्यक सेवाओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सूरजपुर जिला प्रशासन लगातार सतर्कता के साथ काम कर रहा है। इसी कड़ी में प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने प्रतापपुर स्थित शिवम फ्यूल्स पेट्रोल पंप पर औचक निरीक्षण कर ईंधन की कालाबाजारी और कृत्रिम कमी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप के बाद क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य हो सकी है।
देर रात तक पंप को रखा गया था ‘ड्राई’
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रतापपुर के नेतृत्व में नायब तहसीलदार प्रतापपुर, खाद्य निरीक्षक तथा पटवारियों के एक संयुक्त दल ने पुख्ता सूचना के आधार पर शिवम फ्यूल्स का अचानक मुआयना किया।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम को एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली। पेट्रोल पंप परिसर में ईंधन (पेट्रोल/डीजल) से भरा एक टैंकर शाम लगभग 7:00 बजे से ही खड़ा हुआ था। इसके बावजूद, रात लगभग 11:00 बजे तक पंप प्रबंधन द्वारा ईंधन को स्टोरेज टैंक में नहीं डाला गया और पंप को जानबूझकर ‘ड्राई’ रखा गया।
जनता को किया जा रहा था परेशान
इस कृत्रिम कमी के कारण पेट्रोल पंप पर आने वाले आम नागरिकों और वाहन चालकों को ईंधन उपलब्ध न होने की बात कहकर वापस लौटाया जा रहा था। देर रात तक ईंधन न मिलने के कारण पंप परिसर और आसपास के क्षेत्र में नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और स्थिति तनावपूर्ण होने लगी थी।
प्रशासनिक हस्तक्षेप से तत्काल मिली राहत
मामले की गंभीरता और आमजन की परेशानी को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने तत्काल मौके पर ही मोर्चा संभाला। उनके कड़े निर्देश और सक्रिय हस्तक्षेप के बाद, तुरंत खड़े टैंकर से पेट्रोल पंप के मुख्य भंडारण टैंकों (Storage Tanks) में ईंधन खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
प्रशासनिक टीम की निगरानी में ईंधन डंप होने के तुरंत बाद आम नागरिकों के लिए पेट्रोल और डीजल की नियमित बिक्री बहाल कर दी गई, जिससे वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
लापरवाही पर प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने इस त्वरित कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि जनहित और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, ढिलाई या कृत्रिम कमी पैदा करने के प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा है कि भविष्य में भी आवश्यक सेवाओं की निगरानी के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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