
रायपुर/स्थानीय:
पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने और कार्यस्थल पर एक बेहतर माहौल तैयार करने के उद्देश्य से आज एक विशेष ‘तनाव प्रबंधन कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। यह गरिमामयी कार्यक्रम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. सुरेशा चौबे के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल को तनावमुक्त कार्य वातावरण प्रदान करना, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा सकारात्मक सोच के माध्यम से उनकी कार्यक्षमता को और अधिक विकसित करना था।
गिनीज बुक रिकॉर्डधारी डॉ. संतोष कुमार राय रहे मुख्य वक्ता
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात प्रेरक वक्ता, कॉमर्स गुरु और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित डॉ. संतोष कुमार राय उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास के व्यावहारिक सूत्रों पर प्रकाश डाला। डॉ. राय ने कहा कि पुलिस की नौकरी बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, ऐसे में मानसिक संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना न केवल व्यक्तिगत जीवन बल्कि पेशेवर जिम्मेदारी के लिए भी बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही, कार्यक्रम में डॉ. विकास शर्मा और दीपेश पटेल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने आधुनिक जीवनशैली में मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता को रेखांकित करते हुए एक संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।
प्रशासन, शिक्षा और पुलिस विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण सत्र में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोगों में शामिल रहे:
प्रशासनिक एवं शिक्षा क्षेत्र: एम.आई.एस. प्रशासक आशीष साहू, प्रधान पाठक सुधा गुप्ता, शिक्षक सूर्य प्रकाश तिवारी एवं शिक्षक श्वेता सोनी।
पुलिस प्रशासन: डीएसपी मुख्यालय श्याम मधुकर, डीएसपी राजेश साहू, रक्षित निरीक्षक विपुल जांगड़े, रक्षित निरीक्षक नीतीश आर. नायर सहित पुलिस विभाग के बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी।
प्रतिभागियों ने सराहा
दिनभर चले इस सत्र के अंत में उपस्थित प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। पुलिस कर्मियों ने इस कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक बताया। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के सत्रों से न केवल मानसिक तनाव कम होता है, बल्कि ड्यूटी के दौरान आम जनता के साथ व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव आता है।

