कोरिया पुलिस की बड़ी सफलता: ‘ऑपरेशन तलाश और मुस्कान’ के तहत 13 गुमशुदा अपनों से मिले, एसपी ने पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित

Deshkibaat24
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बैकुंठपुर :  जिला कोरिया में पुलिस को एक बड़ी मानवीय सफलता हाथ लगी है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर राज्य भर में चलाए गए विशेष अभियान “ऑपरेशन तलाश / ऑपरेशन मुस्कान” के अंतर्गत कोरिया पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए कुल 13 गुमशुदा व्यक्तियों को सुरक्षित ढूंढ निकाला है। बरामद किए गए इन लोगों में 3 नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें उनके रोते-बिलखते परिवारों से मिलाकर पुलिस ने उनके चेहरों पर मुस्कान लौटाई है।
इस संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की हौसलाअफजाई के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जहाँ पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे ने सभी जांबाज पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
महीने भर चला विशेष खोज अभियान
राज्य में गुमशुदा इंसानों की सुरक्षित घर वापसी के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा 01 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक एक महीने का विशेष अभियान संचालित किया गया था। इस अभियान के तहत जिला कोरिया पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने न केवल छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी लगातार कड़ियां जोड़ते हुए और खाक छानते हुए खोजबीन की।
इन पुलिसकर्मियों ने पेश की कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल
अभियान के दौरान जिला पुलिस के अलग-अलग प्रभारियों और आरक्षकों ने तकनीकी कौशल और मानवीय इनपुट का बेहतरीन तालमेल बिठाकर सफलता हासिल की:
मध्य प्रदेश में दी दबिश: सहायक उप निरीक्षक शैलेन्द्र त्रिपाठी, आरक्षक उज्ज़ैन पुरी एवं महिला आरक्षक विनीता राज की टीम ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर और शिवपुरी क्षेत्र में सघन तलाशी ली। टीम ने यहाँ से 02 गुमशुदा इंसानों को सुरक्षित बरामद किया, जिनमें 01 नाबालिग बच्चा भी शामिल है।
7 लोगों को किया दस्तयाब: प्रधान आरक्षक सत्येंद्र तिवारी ने इस अभियान में सबसे अधिक सफलता हासिल की। उन्होंने अंतरराज्यीय स्तर पर हैदराबाद (तेलंगाना) और झारखंड के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के स्थानीय जिलों—कोरिया, सरगुजा, बलरामपुर एवं सूरजपुर में कड़ा परिश्रम कर कुल 07 गुमशुदा लोगों को सुरक्षित खोज निकाला, जिनमें 02 नाबालिग बच्चे शामिल थे।
तकनीकी कौशल से मिली कामयाबी: महिला प्रधान आरक्षक सुनीता एक्का ने आधुनिक पुलिसिंग और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने वीडियो कॉल, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी माध्यमों का सटीक उपयोग करते हुए बेंगलुरु (कर्नाटक), तमिलनाडु, झारखंड और हरियाणा जैसे दूरदराज के राज्यों से 04 गुमशुदा व्यक्तियों को ट्रैक कर दस्तयाब करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस का काम केवल ड्यूटी नहीं, मानवीय सेवा भी: एसपी
आज दिनांक 20 मई 2026 को आयोजित सम्मान समारोह में सभी को प्रशस्ति पत्र सौंपते हुए पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे ने पूरी टीम की पीठ थपथपाई।
मीडिया से बात करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा:
“गुमशुदा व्यक्तियों को खोजकर उनके परिजनों से मिलाना केवल पुलिस की रूटीन कानूनी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक सर्वोच्च मानवीय सेवा है। जिला कोरिया पुलिस के इन जवानों ने अत्यधिक कठिन परिस्थितियों और सिमित समय के भीतर जिस निष्ठा, कड़ी मेहनत और संवेदनशीलता के साथ इस कार्य को अंजाम दिया है, वह पूरे विभाग के लिए गौरव की बात है।”
इस अभियान की सफलता के बाद अपनों से बिछड़ चुके परिवारों के घर में खुशियों का माहौल है और स्थानीय नागरिकों द्वारा भी कोरिया पुलिस की इस मानवीय कार्यशैली की जमकर सराहना की जा रही है।

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