अंबिकापुर (सरगुजा): जिला पुलिस ने संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही का परिचय देते हुए घर से बिना बताए निकले एक नाबालिग बालक को चंद घंटों के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया है। यह सफलता थाना गांधीनगर और डायल 112 की संयुक्त टीम के आपसी समन्वय से प्राप्त हुई है।
क्या था पूरा मामला?
घटना 08 मार्च 2026 की है, जब एक महिला ने थाना गांधीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका बड़ा बेटा अपनी नानी के पास घर पर था, लेकिन अचानक बिना किसी को बताए कहीं चला गया। काफी खोजबीन के बाद भी जब बालक का कुछ पता नहीं चला, तो परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस की शरण ली।
पुलिस ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए धारा 137(2) BNS के तहत अपराध क्रमांक 133/26 पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
पुलिस की रणनीतिक कार्यवाही
मामले की सूचना मिलते ही डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) ने पुलिस टीम को तुरंत सक्रिय होने और बालक की सकुशल बरामदगी के निर्देश दिए। डायल 112 को इवेंट प्राप्त होते ही टीम ने सरगवां और सकालो क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया।
संयुक्त टीम के कड़े प्रयासों से बालक को महर्षि विद्या मंदिर स्कूल के पास से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पूछताछ में बालक ने बताया कि वह अपनी मर्जी से घर से निकला था और इस दौरान उसके साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
परिजनों ने जताया आभार
बालक को सही-सलामत पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने सरगुजा पुलिस की कार्यप्रणाली और त्वरित रिस्पॉन्स के लिए पूरी टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
सराहनीय भूमिका निभाने वाली टीम
इस पूरी कार्यवाही में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही:
निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी (थाना प्रभारी गांधीनगर)
निरीक्षक दुर्गेश्वरी चौबे (डीसीसी प्रभारी)
महिला प्रधान आरक्षक फ़िलोमीना पन्ना
प्रधान आरक्षक संजीव कुमार त्रिपाठी
आरक्षक: घनश्याम देवांगन, जगेश्वर मरकाम, अजय कुमार थवाईत, महेन्द्र कुमार
चालक: अमित तिर्की
सरगुजा पुलिस की तत्परता: चंद घंटों में बरामद हुआ गुमशुदा बालक, डायल 112 और गांधीनगर पुलिस ने पेश की मिसाल
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