चिरमिरी/पटना (छत्तीसगढ़): कोयलांचल क्षेत्र चिरमिरी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी राजेश कुमार गुप्ता (पिता: चौधरी गुप्ता) पर आरोप है कि उसने ‘मोतीलाल ओसवाल’ जैसी प्रतिष्ठित ट्रेडिंग फर्म के नाम का सहारा लेकर शहर के लगभग 80% लोगों की गाढ़ी कमाई हड़प ली है। वर्तमान में आरोपी अपने परिवार सहित फरार बताया जा रहा है, जबकि पीड़ितों का दावा है कि वह अपने पैतृक निवास में छिपा बैठा है।
RTGS के जरिए लिए पैसे, अब थमा रहा फर्जी चेक
पीड़ितों ने बताया कि राजेश गुप्ता ने ट्रेडिंग और मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये RTGS के माध्यम से अपने खाते में ट्रांसफर करवाए। जब लोगों ने अपना पैसा वापस मांगा, तो वह समय टालने लगा। पिछले दो वर्षों से वह केवल आश्वासन दे रहा है। हद तो तब हो गई जब उसने अपनी पत्नी के नाम के चेक बांटने शुरू कर दिए और दावा किया कि “जनवरी 2026 में पैसा खाते में आ जाएगा।”
आलीशान घर में छिपकर पुलिस को दे रहा चकमा
सूत्रों और पीड़ितों के अनुसार, राजेश गुप्ता कहीं बाहर नहीं बल्कि पटना (कोरिया) से करीब 10 किमी दूर स्थित मांजा सरभोका में अपने आलीशान घर के अंदर छिपा रहता है। जब भी कोई तगादा करने पहुंचता है, तो उसके बच्चे या पत्नी बाहर आकर गुमराह करते हैं। आरोपी फोन पर कभी खुद को रायपुर तो कभी अंबिकापुर में होने का दावा करता है, जबकि वास्तविकता कुछ और ही है।
पूरे शहर को बनाया शिकार, बनाई ‘फर्जी’ भुगतान समिति
ठगी का जाल इतना बड़ा है कि राजेश ने पीड़ितों को शांत रखने के लिए एक ‘समिति’ भी बनाई थी, जिसका मकसद केवल लोगों को यह दिखाना था कि उनका पैसा सुरक्षित है और जल्द लौटा दिया जाएगा। चर्चा है कि वह लोगों के पैसों से अपने माता-पिता का इलाज बेंगलुरु के महंगे अस्पतालों में करा रहा है और खुद विलासिता का जीवन जी रहा है।
मोतीलाल ओसवाल के नाम का दुरुपयोग
आरोपी चिरमिरी में मोतीलाल ओसवाल के नाम से ऑफिस चलाकर लोगों का विश्वास जीतता था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह न केवल वित्तीय धोखाधड़ी है बल्कि सेबी (SEBI) के नियमों का भी उल्लंघन है।
चिरमिरी में बड़ा निवेश घोटाला: ‘मोतीलाल ओसवाल’ के नाम पर करोड़ों की ठगी, आरोपी राजेश गुप्ता फरार
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