बलरामपुर: प्रशासन की मुस्तैदी से रुके दो बाल विवाह, 15 साल की दो बच्चियों का तय हुआ था रिश्ता

Deshkibaat24
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बलरामपुर | 17 फरवरी 2026
जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को प्रशासन की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विकासखंड के नगर पंचायत कुसमी और ग्राम पंचायत शाहपुर में होने वाले दो अलग-अलग बाल विवाहों को रुकवा दिया। जांच में दोनों ही लड़कियों की उम्र मात्र 15 वर्ष पाई गई।
गुप्त सूचना पर एक्शन में आई टीम
प्रशासन को सूचना मिली थी कि कुसमी और शाहपुर में दो नाबालिग बच्चियों के विवाह की तैयारियां चल रही हैं। सूचना मिलते ही कलेक्टर के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। दस्तावेजों की जांच करने पर पाया गया कि दोनों बालिकाएं अभी कानूनी रूप से विवाह के योग्य नहीं हैं।
परिजनों को दी गई कानूनी चेतावनी
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के कड़े प्रावधानों से अवगत कराया। टीम ने समझाया कि:
नाबालिग की शादी करना और उसमें शामिल होना एक कानूनन अपराध है।
ऐसा करने पर न केवल माता-पिता, बल्कि पंडित, हलवाई और बारातियों पर भी दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।
कम उम्र में विवाह से बच्चियों के स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर खतरा मंडराता है।
प्रशासन की समझाइश के बाद परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार की और शपथ ली कि वे बेटियों की आयु 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही उनका विवाह करेंगे।
जागरूकता अभियान और हेल्पलाइन
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलती है, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें।
प्रशासन का संदेश: “बाल विवाह एक अभिशाप है। हम समुदाय के सहयोग से इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

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