
बैठक में पेयजल आपूर्ति ,पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध और दिव्यांगजन कल्याण, कौशल विकास और आजीविका सृजन, स्वच्छता, आवास, कृषि, पशुपालन, अन्य (सतत जीविकोपार्जन, जनकल्याणकारी योजना, उज्जवला योजना) जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ज्यादा से ज्यादा फोकस करने की बात कही गयी। इसके साथ ही परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

