अंबिकापुर (सरगुजा) | क्रिकेट की दुनिया में करियर बनाने का सपना देख रहे एक युवा खिलाड़ी को झांसे में लेकर लाखों की ठगी करने वाले शातिर जालसाज को सरगुजा पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपी ने खुद को क्रिकेट संघ का पदाधिकारी बताकर और फर्जी दस्तावेज दिखाकर उत्तर प्रदेश के एक खिलाड़ी से कुल 15,38,000 रुपये की ठगी की थी।
नेपाल में बिछाया था ठगी का जाल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी अजय कुमार वर्मा (निवासी हरदोई, उत्तर प्रदेश) एक क्रिकेट खिलाड़ी है। मार्च 2021 में नेपाल में एक टूर्नामेंट के दौरान उसकी मुलाकात अंबिकापुर के त्रिकोण चौक निवासी मृगांक कुमार सिन्हा से हुई थी। मृगांक ने प्रार्थी को अपने ‘क्रिकेट संघ’ के माध्यम से देश-विदेश में बड़े टूर्नामेंट खिलाने का प्रलोभन दिया और उसका भरोसा जीत लिया।
किस्तों में हुई वसूली: 1480 रुपये से शुरू हुआ खेल 15 लाख तक पहुँचा
नेपाल से लौटने के बाद आरोपी ने ठगी का खेल शुरू किया।
सबसे पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर मात्र 1480 रुपये जमा कराए गए।
इसके बाद पासपोर्ट, विदेशी दौरे और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर प्रार्थी से लगातार पेटीएम, गूगल पे और फोन पे के माध्यम से पैसे मंगवाए जाते रहे।
आरोपी प्रार्थी को मोबाइल पर फर्जी टीम सिलेक्शन लिस्ट और कूटरचित (Fake) सरकारी दस्तावेज भेजकर गुमराह करता रहा।
प्रार्थी ने लगभग 12 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, जिसके बाद उसे छत्तीसगढ़ बुलाकर और रकम ली गई। कुल मिलाकर आरोपी ने 15 लाख 38 हजार रुपये डकार लिए।
पुलिस की जांच में खुला फर्जीवाड़े का कच्चा चिट्ठा
जब प्रार्थी को ठगी का अहसास हुआ, तो उसने थाना कोतवाली में मामला दर्ज कराया। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के निर्देश पर साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग, रायपुर से जानकारी मांगी, जिसमें खुलासा हुआ कि जिस ‘छ.ग. यूथ यूनाइटेड क्रिकेट संघ’ के नाम पर ठगी की गई, वह कोई मान्यता प्राप्त संस्था ही नहीं है।
आरोपी गिरफ्तार, कबूला जुर्म
लगातार फरार चल रहे आरोपी मृगांक सिन्हा (40 वर्ष) को पुलिस ने घेराबंदी कर अंबिकापुर से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने स्वयं ही कंप्यूटर से फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (दस्तावेजों में कूटरचना) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है।
कार्यवाही में शामिल टीम:
इस सफल कार्यवाही में कोतवाली थाना प्रभारी शशिकान्त सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी अजीत मिश्रा, विवेक पाण्डेय, भोजराज पासवान, विकास सिन्हा और उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही।
क्रिकेट के नाम पर ‘क्लीन बोल्ड’: विदेश भेजने का झांसा देकर 15 लाख की ठगी करने वाला शातिर आरोपी अंबिकापुर से गिरफ्तार
Leave a comment
Leave a comment

