सूरजपुर में मवेशी तस्करी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़: फिल्मी स्टाइल में पीछा कर 3 तस्कर गिरफ्तार, पिकअप और रेकी कार जब्त

Deshkibaat24
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सूरजपुर : जिले की प्रतापपुर थाना पुलिस ने अवैध गतिविधियों और मवेशी तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने घेराबंदी कर मवेशियों से लदे एक पिकअप वाहन और तस्करी के लिए रेकी कर रही एक मारुति कार को जब्त किया है। इस मामले में तीन अंतर-जिला तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने मौके से पांच मवेशी (भैंस) भी मुक्त कराए हैं, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 1 लाख रुपये आंकी गई है।
यह पूरी कार्रवाई सूरजपुर के डीआईजी और एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के उस सख्त निर्देश के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने जिले में अवैध कारोबार और पशु तस्करी पर पूर्णतः अंकुश लगाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने को कहा था।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
जानकारी के अनुसार, 26 मई 2026 की रात प्रतापपुर थाना पुलिस की टीम क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि बलरामपुर और अंबिकापुर क्षेत्र के कुछ तस्कर एक पिकअप वाहन (क्रमांक सीजी 15 सीव्ही 6015) में अवैध रूप से भैंसों को क्रूरतापूर्वक लादकर प्रतापपुर के रास्ते ले जाने की फिराक में हैं। सूचना में यह भी बताया गया कि तस्करों को पुलिस की गतिविधियों से बचाने के लिए आगे-आगे एक मारुति एक्सएल-6 कार (क्रमांक सीजी 15 ईजी 7027) चल रही है, जो पूरे रास्ते की रेकी कर रही है।
रोकने पर भागने लगे तस्कर, बनारस रोड पर फिल्मी अंदाज में घेराबंदी
मुखबिर की सटीक सूचना पर प्रतापपुर पुलिस ने बिना वक्त गंवाए कदमपारा चौक पर रणनीतिक घेराबंदी की। कुछ ही देर में अंबिकापुर की ओर से दोनों संदिग्ध वाहन आते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने जब टॉर्च और बैरिकेड्स की मदद से उन्हें रुकने का इशारा किया, तो तस्करों ने वाहन रोकने के बजाय उनकी रफ्तार बढ़ा दी और बैरिकेड्स को छकाते हुए बनारस रोड की तरफ भागने लगे।
तस्करों को भागता देख मुस्तैद पुलिस टीम ने तुरंत अपने वाहनों से उनका पीछा करना शुरू किया। कुछ किलोमीटर तक चले इस रोमांचक पीछा (चेस) के बाद पुलिस ने आखिरकार दोनों वाहनों को ओवरटेक कर रोक लिया और घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
क्रूरतापूर्वक भरे थे मवेशी, नहीं मिले दस्तावेज
जब पुलिस ने पिकअप वाहन की तलाशी ली, तो उसमें पांच भैंसों को बेहद क्रूरता और बेरहमी के साथ ठूंस-ठूंस कर भरा गया था, जिससे उन्हें चोटें भी आई थीं। पुलिस ने जब पकड़े गए तीनों आरोपियों से मवेशियों के परिवहन, उनकी खरीद-बिक्री या स्वामित्व से जुड़े वैध कागजात पेश करने को कहा, तो वे कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सके। इससे यह साफ हो गया कि मवेशियों को तस्करी के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
देवकुमार कोरवा (उम्र 24 वर्ष), पिता: पिन्टू, निवासी: ग्राम कामेश्वनगर, थाना सनावल, जिला बलरामपुर (पिकअप चालक)।
जुबैर आलम (उम्र 32 वर्ष), पिता: मो. काशीम उर्फ अजमुद्दीन, निवासी: ग्राम बरवाही, थाना सनावल, वर्तमान पता: चांदनी चौक, अंबिकापुर (कार चालक)।
शमीम अंसारी (उम्र 38 वर्ष), पिता: जहरूद्दीन, निवासी: ग्राम बेलखरिखा, थाना दरिमा (कार की बगल सीट पर बैठा सह-आरोपी)।
कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज
प्रतापपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 लाख रुपये कीमत के 05 रास भैंस, तस्करी में इस्तेमाल पिकअप वाहन और रेकी में प्रयुक्त मारुति XL-6 कार को पूरी तरह जब्त कर लिया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(ए) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
इस टीम को मिली सफलता
तस्करी के इस बड़े मामले को नाकाम करने और आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने में प्रतापपुर थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक रविशंकर चौबे, आरक्षक राजेश तिवारी और मोहम्मद नौशाद ने अत्यंत सक्रिय और सराहनीय भूमिका निभाई। एसपी कार्यालय ने पुलिस टीम की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।

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